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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शाबाश भारत! ट्रंप टैरिफ से पहले भारतीय आर्थिकी में 7.8 प्रतिशत का अप्रत्याशित उछाल

Published: Fri, 29 Aug 2025 04:12 PM (IST)Updated: Sat, 30 Aug 2025 08:20 AM (IST)

India GDP Growth Rate ट्रंप टैरिफ (Trump Tariff) के बीच भारत के जीडीपी के आंकड़े सामने आए हैं। भारतीय सकल ...और पढ़ें

FY 2025-26 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी में जबरदस्त उछाल, 7.8% दर्ज हुई विकास दर
FY 2025-26 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी में जबरदस्त उछाल, 7.8% दर्ज हुई विकास दर

HighLights

  1. मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की मदद से पांच तिमाहियों में सबसे ज्यादा रही वृद्धि दर
  2. निर्यात के साथ निजी खपत और सरकारी खर्च में वृद्धि से भी इकोनमी को मिला प्रोत्साहन
  3. जीएसटी दरों में कटौती से दूसरी तिमाही में भी विकास की यह गति कायम रहने की उम्मीद

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। जिस भारतीय आर्थिकी को कुछ दिनों पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेड इकोनमी बताया था, उसी के पहली तिमाही के नतीजों ने दुनियाभर को चमत्कृत कर दिया है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही है। दुनियाभर में चल रही उथल-पुथल के बीच यह विकास दर काफी महत्वपूर्ण है और इसने आरबीआइ समेत तमाम वित्तीय एजेंसियों के पूर्वानुमानों को पीछे छोड़ दिया है।

बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज विकास दर भारत की

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रैल में सभी देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया था। इसके बावजूद अप्रैल-जून के दौरान भारत ने पांच तिमाही में सबसे तेज ग्रोथ दर्ज की है। इससे पहले इससे अधिक ग्रोथ रेट जनवरी-मार्च 2024 में 8.4 प्रतिशत थी। बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज विकास दर भारत की ही है। अप्रैल-जून 2025 में चीन की विकास दर 5.2 प्रतिशत रही थी।

इस ग्रोथ रेट में सरकारी खपत की महत्वपूर्ण भूमिका लगती है। निजी खपत (PFCE) की वृद्धि दर 8.3 प्रतिशत से घटकर 7.0 प्रतिशत रह गई, लेकिन सरकारी खपत (GFCE) की वृद्धि दर -0.3 प्रतिशत की तुलना में 7.4 प्रतिशत हो गई। पूंजी निवेश की दर में भी इजाफा हुआ है। यह 6.7 प्रतिशत से बढ़कर 7.8 प्रतिशत हो गई है।

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वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में नॉमिनल जीडीपी या वर्तमान मूल्यों पर जीडीपी ₹86.05 लाख करोड़ अनुमानित है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में यह ₹79.08 लाख करोड़ थी, जो 8.8% की वृद्धि दर दर्शाती है।

रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में 2025-26 में 6.5 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ का अनुमान जताया है। उसका अनुमान पहली तिमाही के लिए 6.5 प्रतिशत का था। दूसरी तिमाही के लिए उसका अनुमान 6.7 प्रतिशत, तीसरी तिमाही के लिए 6.6 प्रतिशत और चौथी तिमाही के लिए 6.3 प्रतिशत है।

कौन से क्षेत्र किस रफ्तार से बढ़ रहे आगे

  • कृषि और संबद्ध क्षेत्र की विकास दर (GVA) 3.7 प्रतिशत रही, 2024-25 की पहली तिमाही में 1.5 प्रतिशत थी।
  • मैन्युफैक्चरिंग की ग्रोथ रेट 7.6 प्रतिशत के मुकाबले 7.7 प्रतिशत रही।
  • ट्रेड, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन सर्विसेज की ग्रोथ 5.4 प्रतिशत से बढ़कर 8.6 प्रतिशत।
  • फाइनेंशियल, रियल एस्टेट की वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत से बढ़कर 9.5 प्रतिशत।
  • माइनिंग की ग्रोथ निगेटिव रही, पिछले साल के 6.6 प्रतिशत की तुलना में -3.1 प्रतिशत।
  • बिजली, गैस जैसी यूटिलिटी सर्विसेज की ग्रोथ भी 10.2 प्रतिशत से घटकर 0.5 प्रतिशत पर आ गई।

जर्मनी को पीछे छोड़ देगा भारत

आईएमएफ के अनुसार, आने वाले वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था जर्मनी को पीछे छोड़कर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी। नवीनतम रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका के भारी टैरिफ के बावजूद, भारत की अर्थव्यवस्था 2028 तक पीपीपी के लिहाज से अमेरिका से आगे निकल सकती है।

विभिन्न उपायों की वजह से अमेरिका के शुल्क का उतना असर नहीं होगा, जितनी आशंका थी। टेक्सटाइल, लेदर, इंजीनियरिंग गुड्स जैसे कुछ आइटम के मैन्यूफैक्च¨रग पर इसका थोड़ा असर दिख सकता है, लेकिन यह लंबे समय के लिए नहीं होगा।-वी अनंत नागेश्वरन, मुख्य आर्थिक सलाहकार

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