अनस्टॉपेबल इंडिया! 6.7% GDP ग्रोथ का अनुमान, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अर्थशास्त्रियों को हिंदुस्तान पर भरोसा
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की 'चीफ इकोनॉमिस्ट्स आउटलुक' रिपोर्ट के अनुसार, भारत की आर्थिक रफ्तार चालू वित्त वर्ष में जारी रहेगी, जिसमें 2026-27 में जीडीपी ग्रोथ 6.7% रहने का अनुमान है।

WEF ने FY27 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.7% अनुमानित की।
HighLights
WEF ने FY27 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.7% अनुमानित की।
मजबूत घरेलू मांग भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि का मुख्य कारण।
74% अर्थशास्त्रियों को भारत में मजबूत आर्थिक वृद्धि की उम्मीद।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक रफ्तार जारी रहेगी। ऐसा अनुमान वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अर्थशास्त्रियों का है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की की सितंबर 2026 की 'चीफ इकोनॉमिस्ट्स आउटलुक' रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत की जीडीपी ग्रोथ आउटलुक सबसे मजबूत बनी हुई है। अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि 2026-27 में भारत की ग्रोथ 6.7 प्रतिशत (India GDP Growth) रह सकती है। यह ग्रोथ हिंदुस्तान की घरेलू मांग में लगातार मजबूती को दिखाता है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की 'चीफ इकोनॉमिस्ट्स आउटलुक' रिपोर्ट में शामिल मुख्य अर्थशास्त्रियों में से 74 प्रतिशत को उम्मीद है कि अगले 12 महीनों में भारत में मजबूत या बहुत मजबूत ग्रोथ होगी।
इससे पहले मई में प्रकाशित हुई रिपोर्ट में यह आंकड़ा 52 फीसदी था। WEF का कहना है कि मजबूत घरेलू मांग से ग्रोथ को सहारा मिलता रहेगा, हालांकि ऊर्जा की ऊंची कीमतें आउटलुक पर दबाव डाल रही हैं।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम द्वारा किया गया यह सर्वे 20 अगस्त को पूरा हुआ था। इस सर्वे के अनुसार FY27 की पहली तिमाही में भारत की GDP में 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
सर्वे में कई देशों को किया गया शामिल
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अर्थशास्त्रियों ने सितंबर 2026 के लिए 'चीफ इकोनॉमिस्ट्स आउटलुक' ने अपने सर्वे में 10 से क्षेत्रों (देशों) को शामिल गया। इनमें अमेरिका, यूरोप, चीन, जापान, भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, लैटिन अमेरिका और कैरिबियन, मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका, मध्य एशिया और उप-सहारा अफ्रीका शामिल था।
| क्षेत्र / देश | बहुत कमजोर | कमजोर | मध्यम | मजबूत | बहुत मजबूत |
| भारत | 0 | 3 | 24 | 71 | 3 |
| दक्षिण-पूर्व एशिया | 0 | 3 | 24 | 70 | 3 |
| मध्य एशिया | 0 | 6 | 50 | 38 | 6 |
| संयुक्त राज्य अमेरिका | 0 | 3 | 67 | 31 | 0 |
| उप-सहारा अफ्रीका | 0 | 30 | 42 | 27 | 0 |
| चीन | 0 | 31 | 44 | 25 | 0 |
| मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका | 0 | 42 | 45 | 9 | 3 |
| लैटिन अमेरिका और कैरिबियन | 3 | 16 | 71 | 6 | 3 |
| जापान | 3 | 43 | 51 | 3 | 0 |
| यूरोप | 3 | 58 | 36 | 3 | 0 |
भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ा
अन्य रेटिंग एजेंसियों ने भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाया। मूडीज ने FY27 के लिए अपने GDP ग्रोथ अनुमान को पहले के 6 प्रतिशत लगाया था, बाद में इसे बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया। रेटिंग एजेंसी ने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का हवाला दिया।
ICRA ने भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.7% बढ़ाकर 7.1% कर दिया। बैंक ऑफ बड़ौदा ने 6.6 -6.8 से बढ़ार 7 प्रतिशत कर दिया। IDFC फर्स्ट बैंक ने अपना अनुमान 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत कर दिया है, और CareEdge ने अपना अनुमान 7 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है।
भारत में कैसी रहेगी बेरोजगारी और महंगाई दर
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की 'चीफ इकोनॉमिस्ट्स आउटलुक' में बेरोजगारी पर 70 फीसदी अर्थशास्त्रियों ने कहा कि अगले 12 महीनों में कोई बदलाव नहीं होगा, जबकि बाकी लोग बढ़ोतरी (17 प्रतिशत) और कमी (13 प्रतिशत) के बीच बंटे हुए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मई के बाद से भारत में महंगाई को लेकर उम्मीदें कुछ कम हुई हैं। 55 प्रतिशत मुख्य अर्थशास्त्रियों को अगले 12 महीनों में महंगाई के सामान्य रहने की उम्मीद है, जबकि 45 प्रतिशत को इसके ज्यादा रहने का अनुमान है। इसकी तुलना में, मई में 61 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों ने महंगाई के ज़्यादा या बहुत ज्यादा रहने की उम्मीद जताई थी।
