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क्या रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा भारत? जानिए अमेरिकी दबाव को लेकर पेट्रोलियम मंत्री ने क्या कहा

Published: Tue, 27 Oct 2026 12:48 PM (IST)

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि रूस से कच्चे तेल के आयात को कम करने के लिए भारत पर अमेरिका का कोई दबाव नहीं है।

फाइल फोटो

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HighLights

  1. हरदीप पुरी ने अमेरिकी दबाव से इनकार किया।

  2. रूस से तेल आयात कम करने का दबाव नहीं।

  3. ट्रंप ने 100% टैरिफ लगाने का फैसला टाला।

नई दिल्ली। रूस से कच्चे तेल (Russian Crude Import) की खरीदी को लेकर अमेरिका ने लगातार भारत पर दबाव बनाया है। पिछले साल इस मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ थोंप दिया था। हालांकि, बाद में इसे वापस लिया और हाल ही में रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का एलान किया लेकिन उसे भी स्थगित कर दिया। इस बीच रूस से कच्चे तेल की खरीदी को लेकर सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत को रूस से कच्चे तेल का आयात कम करने के लिए अमेरिका की ओर से कोई दबाव नहीं है। रूसी तेल आयात में कटौती के दबाव के बारे में पूछे जाने पर हरदीप सिंह पुरी ने कहा, "मुझे कभी कुछ महसूस नहीं हुआ।"

ट्रंप ने क्यों वापस लिया आदेश?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में पिछले महीने बने एक कानून के तहत रूसी ऊर्जा निर्यात पर लगने वाले नए प्रतिबंधों और शुल्कों को माफ कर दिया। उन्होंने ऐसा राष्ट्रीय हित का हवाला देते हुए किया, जिससे भारत को 100% तक के संभावित शुल्कों से राहत मिली है।

ट्रम्प ने कानून के एक ऐसे प्रावधान का इस्तेमाल किया, जो राष्ट्रपति को आगे की दंडात्मक कार्रवाई से छूट देने की अनुमति देता है, बशर्ते ऐसा कदम अमेरिका के राष्ट्रीय हित में हो। लेकिन, एक्जीक्यूटिव ऑर्डर में उन्होंने कहा, "ग्राहम एक्ट की धारा 115(a) के तहत, मैं धारा 112 और 113 में बताए गए शुल्कों (ड्यूटी) को लागू करने से छूट देता हूँ।"

'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट' के तहत, 18 सितंबर को इसके लागू होने के 30 दिनों के भीतर, रूस से तेल और गैस खरीदने वाले शीर्ष पांच देशों (जिनमें चीन और भारत भी शामिल हैं) से होने वाले आयात पर 100% तक का शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा गया था।

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बता दें कि अगस्त में, भारत के कुल तेल आयात में रूसी कच्चे तेल का हिस्सा लगभग 44% था। भारत दीर्घकालिक अनुबंधों के तहत रूस से द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलजीआई) खरीदने की भी योजना बना रहा है।