दीपावली से पहले सरकार ने दिया बड़ा तोहफा, सोशल सिक्योरिटी बोर्ड का किया गठन; अधिसूचना जारी, इन्हें मिलेगा लाभ
केंद्र सरकार ने असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्डों का गठन किया है। यह कदम ...और पढ़ें

असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को मिलेगा लाभ।
HighLights
असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को मिलेगा लाभ।
सामाजिक सुरक्षा बोर्ड कल्याणकारी योजनाओं की सिफारिश करेगा।
श्रम मंत्रालय ने इसे ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने असंगठित क्षेत्र, गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्डों (सोशल सिक्योरिटी बोर्ड) के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि ये बोर्ड सामाजिक सुरक्षा संहिता के तहत गठित किए गए हैं और इनका उद्देश्य करोड़ों असंगठित श्रमिकों, गिग वर्कर्स तथा प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए कल्याणकारी योजनाओं की सिफारिश और निगरानी करना होगा।
मंत्रालय ने बताया कि इन बोर्डों की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री करेंगे। इनमें केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के अलावा एग्रीगेटर कंपनियों, उद्योग जगत, नागरिक समाज संगठनों, श्रमिक संगठनों तथा गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा।
ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष ने की तारीफ
राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की अधिसूचना जारी करने पर ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल ने इसकी तारीफ की है। उन्होंने इसके लिए की तारीफ श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
डॉ. मंजीत पटेल ने एक्स पर लिखा- "भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 'कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी' के तहत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के साथ-साथ डिजिटल गिग (Gig) और प्लेटफॉर्म (Platform) वर्कर्स के लिए 'राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड' (National Social Security Board) की आधिकारिक अधिसूचना जारी करना एक बेहद ऐतिहासिक, दूरदर्शी और सराहनीय कदम है। ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) इस क्रांतिकारी निर्णय का सहर्ष स्वागत करता है। देश के करोड़ों असंगठित एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े कर्मयोगियों को औपचारिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना भारत के श्रम कल्याण और समावेशी विकास के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। यह बोर्ड न केवल देश के विशाल अनौपचारिक श्रम बल के भविष्य को सुरक्षित करेगा, बल्कि उनके लिए लक्षित कल्याणकारी योजनाओं और सुरक्षा प्रणालियों को प्रभावी ढंग से लागू करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। इस जन-हितैषी निर्णय के लिए हम केंद्र सरकार और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं।"
"भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 'कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी' के तहत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के साथ-साथ डिजिटल गिग (Gig) और प्लेटफॉर्म (Platform) वर्कर्स के लिए 'राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड' (National Social Security Board) की आधिकारिक अधिसूचना जारी करना एक बेहद ऐतिहासिक, दूरदर्शी और सराहनीय कदम है। ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) इस क्रांतिकारी निर्णय का सहर्ष स्वागत करता है। देश के करोड़ों असंगठित एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े कर्मयोगियों को औपचारिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना भारत के श्रम कल्याण और समावेशी विकास के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। यह बोर्ड न केवल देश के विशाल अनौपचारिक श्रम बल के भविष्य को सुरक्षित करेगा, बल्कि उनके लिए लक्षित कल्याणकारी योजनाओं और सुरक्षा प्रणालियों को प्रभावी ढंग से लागू करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। इस जन-हितैषी निर्णय के लिए हम केंद्र सरकार और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं।" #ManjeetSinghPatel
— Dr Manjeet Singh Patel (@ManjeetIMOPS) October 30, 2026
साल में कम से कम तीन बार होगी बैठक
सरकार के अनुसार, बोर्ड विभिन्न श्रमिक वर्गों के लिए उपयुक्त सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की सिफारिश करेंगे और सामाजिक सुरक्षा संहिता के क्रियान्वयन से जुड़े मामलों पर केंद्र सरकार को सलाह देंगे। इसके अलावा, वे केंद्र द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी करेंगे, राज्यों में रिकॉर्ड प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा करेंगे और सामाजिक सुरक्षा कोष से होने वाले व्यय का भी परीक्षण करेंगे।
इन बोर्डों की बैठक वर्ष में कम से कम तीन बार आयोजित की जाएगी। बैठकों की कार्यप्रणाली और नियम केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किए जाएंगे।
श्रम मंत्रालय का मानना है कि ये बोर्ड देश में तेजी से बढ़ रहे गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा की कमी को दूर करने में अहम भूमिका निभाएंगे। वर्तमान समय में ऑनलाइन डिलीवरी, राइड-हेलिंग, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित सेवाओं से जुड़े लाखों श्रमिक कार्यरत हैं, जिनके लिए सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को मिलेगा लाभ
सरकार ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा संहिता असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा उपायों का वैधानिक ढांचा उपलब्ध कराती है। इसी दिशा में हाल के वर्षों में श्रम कानूनों में व्यापक सुधार भी किए गए हैं।
सितंबर में आयोजित एक चर्चा के दौरान उद्योग जगत, श्रमिक संगठनों, विशेषज्ञों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने भी कहा था कि नए श्रम कोड नियंत्रण आधारित नियामक व्यवस्था से सहयोग आधारित श्रम व्यवस्था की ओर महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतिनिधित्व करते हैं।
श्रम मंत्रालय के सचिव चंद्र भूषण कुमार ने उस समय कहा था कि नए श्रम सुधारों के तहत विभिन्न कानूनों को एकीकृत किया गया है, अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है, डिजिटल पोर्टल शुरू किए गए हैं, रिटर्न फाइलिंग को एकरूप बनाया गया है और वेतन की परिभाषा में भी अधिक समानता लाई गई है। इन कदमों का उद्देश्य श्रमिकों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ व्यवसायों के लिए अनुपालन बोझ कम करना है।
सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्डों का गठन असंगठित क्षेत्र और गिग अर्थव्यवस्था से जुड़े श्रमिकों को औपचारिक सामाजिक सुरक्षा ढांचे से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
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