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Petrol पर ₹1 और Diesel पर ₹5 घटा ये टैक्स, क्या आम जनता को मिलेगी राहत? जानें अपने शहर के रेट

Published: Thu, 17 Sep 2026 08:36 AM (IST)

Petrol-Diesel-ATF Windfall Tax Cuts: केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में भारी कटौती की है। इ

पेट्रोल-डीजल पर सरकार का बड़ा फैसला!

पेट्रोल-डीजल पर सरकार का बड़ा फैसला!

HighLights

  1. पेट्रोल निर्यात शुल्क ₹1.50 से घटाकर ₹0.50 प्रति लीटर।

  2. डीजल निर्यात पर टैक्स ₹25 से ₹20 प्रति लीटर हुआ।

  3. यह कटौती तेल निर्यातकों के लाभ मार्जिन को बढ़ाएगी।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: तेल कंपनियों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर आई है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात (Export) पर लगने वाले स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) यानी विंडफॉल टैक्स (Windfall tax) में भारी कटौती करने का ऐलान किया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किए आदेश के बाद इन ईंधनों का निर्यात करने वाली कंपनियों को तगड़ा फायदा होने वाला है।

पेट्रोल, डीजल और ATF पर नई टैक्स दरें

सरकार ने 16 सितंबर 2026 की रात को जारी आदेश में नई दरों को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है। इसके साथ ही सरकार ने पेट्रोल (Petrol Windfall TAX) के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी को सीधे ₹1.50 प्रति लीटर से घटाकर मात्र ₹0.50 प्रति लीटर कर दिया है। यानी प्रति लीटर 1 रुपये की छूट होगी।

वहीं डीजल एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों को सबसे बड़ी राहत मिली है। इस पर कुल (Diesel Windfall TAX) टैक्स ₹25 प्रति लीटर से घटाकर ₹20 प्रति लीटर कर दिया गया है। इससे पहले ₹25 के टैक्स में SAED और ₹1 रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस शामिल था। सरकार ने अब RIC को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। ATF यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स को घटाकर 15 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

क्या आम जनता को मिलेगा सस्ता पेट्रोल-डीजल?

अगर आप सोच रहे हैं कि इस फैसले से आपके शहर के पेट्रोल पंप पर तेल सस्ता हो जाएगा, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। इस फैसले को घरेलू ग्राहकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। देश के अंदर बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर जो मौजूदा एक्साइज ड्यूटी लागू है, उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

कंपनियों के लिए क्या है मायने?

यह फैसला सीधे तौर पर उन बड़ी तेल रिफाइनरी और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (जैसे Reliance, Nayara Energy, ONGC आदि) के लिए बंपर फायदे वाला है, जो भारत में तेल रिफाइन करके विदेशों में बेचती हैं। निर्यात पर ड्यूटी (टैक्स) कम होने से इन कंपनियों की लागत घटेगी और उनका प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) जबरदस्त तरीके से बढ़ जाएगा।