नई दिल्ली, पीटीआइ। सरकार ने बुधवार को संसद में बताया कि चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों के दौरान भारत और चीन के बीच व्यापार घाटा 30.07 अरब डालर रहा। वाणिज्य और उद्योग राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि अप्रैल से सितंबर के दौरान भारत द्वारा चीन को किया गया निर्यात 12.26 अरब डालर था जबकि आयात 42.33 अरब डालर रहा। उनके अनुसार वर्ष 2014-15 में चीन से आयात 60.41 अरब डालर था, जो वित्त वर्ष 2020-21 में बढ़कर 65.21 अरब डालर पर पहुंच गया है। हालांकि, वित्त वर्ष 2019-20 और 2020-21 के दौरान आयात में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। अनुप्रिया पटेल ने कहा, 'सरकार ने चीन के साथ अधिक संतुलित व्यापार नीति के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। इसमें चीन को भारतीय निर्यात पर गैर टैरिफ बाधाओं को दूर करने के लिए द्विपक्षीय भागीदारी भी शामिल है।'

उन्होंने कहा कि उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआइ) से ना केवल घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा बल्कि निवेश आकर्षित करने और चीन से निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। चीन से आयात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में दूरसंचार उपकरण, कंप्यूटर हार्डवेयर, उर्वरक, इलेक्ट्रानिक कंपोनेंट, रसायन और दवा में उपयोग होने वाला कच्चा माल शामिल है।

एनएचएआइ की कुल उधारी तीन वर्षो में दोगुना हुई

नई दिल्ली, पीटीआइ। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की कुल उधारी तीन वर्षो के दौरान दोगुने से अधिक बढ़कर 3,38,250 करोड़ रुपये हो गई है। मार्च, 2018 में यह आंकड़ा 1,22,561 करोड़ रुपये था। यह जानकारी राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को दी। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षो के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग की 58,408 किलोमीटर लंबी परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई है और 52,479 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले पांच वर्षो के दौरान 70,733 करोड़ रुपये की लागत से पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्रों में 4,358 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया गया है।

Edited By: Manish Mishra