युद्ध के बीच भारत को मिला सबसे पुराने दोस्त रूस का साथ, बिना US डॉलर के दे रहा कच्चा तेल; IND को जबर फायदा!
मध्य पूर्व संघर्ष के बीच भारत रूसी कच्चे तेल का भुगतान अमेरिकी डॉलर के बजाय अन्य मुद्राओं में कर रहा ...और पढ़ें

ईरान युद्ध के बीच डॉलर दिए बिना रूस से कच्चा तेल खरीद रहा भारत
HighLights
भारत रूसी तेल का भुगतान डॉलर में नहीं कर रहा।
यूएई दिरहम, चीनी युआन जैसी मुद्राएं उपयोग हो रही हैं।
मध्य पूर्व संघर्ष से वैश्विक तेल कीमतों में उछाल।
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच वैश्विक स्तर पर तेल और एनर्जी का संकट का पैदा हो गया है। इस संघर्ष की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। इस संघर्ष के बीच भारत और रूस ने एक ऐसा कदम उठाया है जिससे अमेरिकी की नींद उड़ना तय माना जा रहा है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि भारत की रिफाइनरियां रूसी कच्चा तेल खरीदने के लिए डॉलर का इस्तेमाल नहीं कर रही है।
ब्लूमबर्ग ने रिपोर्ट में कहा की भारत अमेरिकी नीतियों और बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता के प्रति अपनी निर्भरता को कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यही कारण कि भारतीय रिफाइनरी रूसी कच्चे तेल के भुगतान के लिए अमेरिकी डॉलर के अलावा अन्य मुद्राओं का इस्तेमाल तेजी से कर रही हैं।
किस करेंसी में रूस से तेल खरीद रहा भारत?
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार भारत की रिफाइनरियां रूसी कच्चा तेल खरीदने के लिए लेन-देन खास विदेशी खातों के जरिए कर रही हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि पेमेंट को UAE दिरहम और चीनी युआन जैसी मुद्राओं में बदला जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ सौदों के लिए सिंगापुर डॉलर और हांगकांग डॉलर पर भी विचार किया जा रहा है।
ईरान और अमेरिका-इजरायल (Iran and US-Israel War) के बीच जारी युद्ध की वजह से कच्चे तेल की सप्लाई में रुकावट देखी जा रही है। इन रुकावटों के बाद भारतीय खरीदारों ने रूसी तेल की खरीद बढ़ा दी है। ब्लूमबर्ग ने बताया कि भारत की सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल और प्राइवेट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज सहित अन्य रिफाइनरियों ने इस महीने की शुरुआत में अमेरिका द्वारा छूट दिए जाने के बाद से लगभग 60 मिलियन बैरल रूसी कच्चा तेल खरीदा है।
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म होने को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला। ब्रेंट तेल की कीमतें बढ़कर लगभग $100 प्रति बैरल तक पहुंच गईं। गुरुवार को तेल की कीमतों में प्रति बैरल $1 से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई, जिससे पिछले सत्र में हुई गिरावट की भरपाई हो गई।
ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत (Crude Oil Price Surges) 1.56% बढ़कर $103.81 प्रति बैरल हो गई, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 1.59% बढ़कर $91.76 पर पहुंच गया।
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