Trump Tariffs को दरकिनार कर भारत ने बनाया गजब का प्लान, कनाडा और मैक्सिको के साथ मिलकर चल रही बड़ी तैयारी!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के कारण व्यापारिक समस्याओं के बीच भारत कनाडा और मैक्सिको के साथ व्यापार ...और पढ़ें

भारत कनाडा और मैक्सिको के साथ कर रहा व्यापारिक बातचीत
HighLights
भारत कनाडा और मैक्सिको के साथ व्यापार वार्ता को गति दे रहा है।
ट्रंप की टैरिफ नीतियों के चलते व्यापारिक संबंधों में बदलाव आ रहा है।
दिसंबर तक कनाडा और मैक्सिको के साथ व्यापार समझौते होने की संभावना।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीतियों के कारण व्यापार को लेकर कई समस्याएं देखने को मिल रही हैं। इस बीच, भारत कनाडा और मैक्सिको के साथ व्यापार वार्ता तेज कर रहा है, क्योंकि ये तीनों देश अपने बाजारों को एक्सपेंड करने और नई साझेदारियां बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
मामले से जुड़े मीडिया के सूत्रों ने बताया कि भारत और कनाडा के वार्ताकार पिछले हफ्ते समाप्त हुई चर्चाओं के आधार पर 5 अक्टूबर से बातचीत का पांचवां दौर आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। भारतीय राजदूत दिनेश पटनायक के हवाले से मीडिया ने बताया कि दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कनाडा यात्रा के दौरान एक समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। वहीं मैक्सिको के साथ व्यापार से जुड़ी बातचीत जारी है।
व्यापारिक बातचीत में तेजी
सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर मीडिया को बताया कि नई दिल्ली फॉर्मल ट्रेड से जुड़ी बातचीत शुरू करने के लिए मेक्सिको के साथ एक रोडमैप को अंतिम रूप दे रही है। चूंकि चर्चाएं गोपनीय हैं, इसलिए अधिकारी जल्द से जल्द बातचीत का हल निकालना चाहते हैं क्योंकि तीनों देश अपने व्यापारिक संबंधों में बदलाव लाना चाहते हैं।
मेक्सिको के व्यापार वार्ताओं की देखरेख करने वाले अर्थव्यवस्था मंत्रालय ने कहा कि संभावित समझौते के लिए एनालिसिस जारी है, हालांकि अभी तक कोई ठोस या अंतिम प्रस्ताव नहीं है।
ट्रंप की नीतियों से व्यापार प्रभावित
ये तीनों अर्थव्यवस्थाएं, जिनका संयुक्त आर्थिक उत्पादन 8 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है, ये ट्रंप की व्यापार नीतियों से उठ रही समस्याओं से जूझ रही हैं। मेक्सिको अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए संघर्ष कर रहा है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने मौजूदा समझौते में बदलाव के लिए बातचीत कर रहे हैं, जबकि कनाडा-अमेरिका की बातचीत पिछले महीने सफल नहीं हो पाई। अमेरिका कनाडा और मेक्सिको दोनों के लिए अब तक का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है।
इस बीच, भारत एक नए कानून से उत्पन्न नए टैरिफ खतरों का सामना कर रहा है, जो ट्रंप को रूसी तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक ड्यूटी लगाने का अधिकार देता है। नई दिल्ली ने इस साल की शुरुआत में अमेरिका के साथ एक अंतरिम व्यापार समझौता किया था और टैरिफ दर पर बातचीत में उलझी हुई है।
भारत ने किए कई व्यापारिक समझौते
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार को दिसंबर में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कनाडा यात्रा की पुष्टि की, लगभग उसी समय जब भारतीय नेता के मियामी में ग्रुप ऑफ 20 की बैठक में भाग लेने की उम्मीद है। कार्नी ने भारत के साथ कनाडा के संबंधों को "अत्यंत महत्वपूर्ण" बताया और कहा कि व्यापार वार्ता अच्छी तरह से आगे बढ़ी है।
भारत द्वारा कनाडा और मैक्सिको से संपर्क साधना, व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक अधिक पहुंच बढ़ाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। पिछले एक साल में, नई दिल्ली ने ब्रिटेन, ओमान और न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौते किए हैं और यूरोपीय संघ के साथ सालों से चल रही बातचीत को पूरा किया है, जबकि अन्य कई अर्थव्यवस्थाओं के साथ बातचीत जारी है।
दिसंबर तक फाइनल हो सकती है बातचीत
मामले से जुड़े जानकारों के अनुसार, मैक्सिको अपने मादक पेय पदार्थ टकीला, फलों और ऑटो पार्ट्स के लिए भारत के बाजार में अधिक पहुंच चाहता है। वहीं, नई दिल्ली चाहती है कि मैक्सिको ऑटोमोबाइल, ऑटो पार्ट्स और स्टील जैसी वस्तुओं पर टैरिफ कम करे। पिछले साल, राष्ट्रपति क्लाउडिया शाइनबाम के प्रशासन ने उन एशियाई देशों से स्टील और अन्य उत्पादों पर 5% से 50% तक का टैरिफ लगाया था जिनका मैक्सिको के साथ कोई व्यापार समझौता नहीं है।
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जानकारों ने बताया कि भारत केवल कुछ चुनिंदा वस्तुओं को शामिल करते हुए एक सीमित प्रीफरेंसल व्यापार समझौता करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया कि बातचीत की शर्तों पर जल्द ही फाइनल होने की संभावना है और दोनों पक्ष दिसंबर तक वार्ता पूरी होने की उम्मीद कर रहे हैं।
