भारत बनेगा टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर का किंग! 100 अरब डॉलर के एक्सपोर्ट का मास्टर प्लान तैयार
कपड़ा मंत्रालय ने नोएडा में TEXPORT कैपासिटी बिल्डिंग प्रोग्राम आयोजित किया, जिसका लक्ष्य मौजूदा और नए निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार ...और पढ़ें

AEPC के सहयोग से नोएडा में कपड़ा मंत्रालय का प्रोग्राम
HighLights
कपड़ा मंत्रालय ने नोएडा में TEXPORT कार्यक्रम आयोजित किया।
भारत का लक्ष्य 2030 तक $100 अरब निर्यात पहुंचाना।
निर्यातकों की क्षमता बढ़ाने और बाजार पहुंच पर जोर।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| टेक्सटाइल और गारमेंट एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए कपड़ा मंत्रालय ने नोएडा में TEXPORT कैपासिटी बिल्डिंग प्रोग्राम आयोजित किया। इसका उद्देश्य मौजूदा एक्सपोर्टर्स के साथ ही नए और संभावित निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबार शुरू करने, उसे बनाए रखने और विस्तार करने के लिए तैयार करना है। यह कार्यक्रम मंत्रालय के राष्ट्रीय निर्यात निरंतरता कार्यक्रम (National Export Continuity Programme) का हिस्सा है।
कपड़ा मंत्रालय ने अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (AEPC) की मदद से यह कार्यक्रम आयोजित किया। इस सीरीज का पहला कार्यक्रम गुजरात के सूरत में MATEXIL के सहयोग से हुआ था। मंत्रालय देश के प्रमुख कपड़ा और परिधान केंद्रों में ऐसे कई ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करने की योजना बना रहा है।
100 अरब डॉलर के एक्सपोर्ट की तैयारी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कपड़ा मंत्रालय की संयुक्त सचिव अलकनंदा दयाल ने की। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य 2030 तक कपड़ा और परिधान निर्यात को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। इसके लिए निर्यातकों की क्षमता बढ़ाने, स्थानीय कारोबार की संभावनाओं की पहचान करने और निर्यात से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने अपैरल एक्सपोर्ट के लिए नोएडा की संभावनाओं पर भी जोर दिया।
विदेशी बाजारों तक एक्सेस बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम में कपड़ा मंत्रालय के व्यापार सलाहकार ए. बिपिन मेनन ने भारत के टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर से जुड़ी निर्यात संभावनाओं के बारे में बताया। इसमें मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के जरिए विदेशी बाजारों तक पहुंच बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा मजबूत करने, बाजार की जानकारी जुटाने, जरूरी मानकों का पालन करने और विदेशी खरीदारों से संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
AEPC सेकेट्री जनरल मिथिलेश्वर ठाकुर ने कहा कि भारत के कुल निर्यात का करीब 88 प्रतिशत हिस्सा केवल 100 जिलों से आता है। उन्होंने निर्यात के दायरे को बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। इसके लिए 100 चैंपियन जिलों को ग्लोबल एक्सपोक्ट सेंटर और 100 आकांक्षी जिलों को आत्मनिर्भर मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में विकसित करने की स्ट्रेटिजी पर जोर दिया।
निर्यात बढ़ाने के लिए ट्रेनिंग और नियमों की पूरी जानकारी
कार्यक्रम में रेगुलर एक्सपोर्टर्स, अनियमित निर्यातकों और पहली बार एक्सपोर्ट शुरू करने की योजना बना रहे कारोबारियों के लिए तीन अलग-अलग सेशन आयोजित किए गए। इनमें एक्सपोर्ट प्रोसेस, रेगुलेशन और कंप्लायंस, फाइनेंस, लॉजिस्टिक्स, प्रोडक्ट डेवलेपमेंट, विदेशी खरीदारों से संपर्क और बाजार तक पहुंच से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की गई। सवाल-जवाब के सेशन में कारोबारियों को अधिकारियों और एक्सपर्ट्स से सीधे अपनी समस्याएं साझा करने का अवसर भी मिला।
मंत्रालय के मुताबिक, TEXPORT पहल के तहत देश के प्रमुख कपड़ा और अपैरल सेंटर्स में ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका उद्देश्य अधिक उद्यमों को निर्यात से जोड़ना, स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग सेंटर्स को मजबूत करना और भारतीय कंपनियों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मौजूदगी बढ़ाना है।
