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AI से बढ़ सकती है 3.8% लेबर प्रोडक्टिविटी, IMF ने OECD देशों के पेटेंट आंकड़ों पर कही बड़ी बात

By Jagran BusinessEdited By: Ashish Kushwaha
Published: Sat, 26 Sep 2026 09:56 PM (IST)

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के एक अध्ययन के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लंबी अवधि में वैश्विक श्रम उत्पादकता को 3.8% ...और पढ़ें

एआइ से वैश्विक श्रम उत्पादकता में 3.8% तक की वृद्धि संभव: आइएमएफ अध्ययन

एआइ से वैश्विक श्रम उत्पादकता में 3.8% तक की वृद्धि संभव: आइएमएफ अध्ययन

HighLights

  1. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार, एआइ 3.8% उत्पादकता बढ़ा सकता है।

  2. 2000-2017 में एआइ पेटेंट से प्रति कर्मचारी उत्पादन में वृद्धि हुई।

  3. एआइ लाभ समान नहीं, भारत को प्रशिक्षण पर ध्यान देना होगा।

वाशिंगटन, आइएएनएस: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) के एक नए अध्ययन के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) लंबी अवधि में वैश्विक श्रम उत्पादकता में 3.8 प्रतिशत तक की उल्लेखनीय वृद्धि कर सकता है। वाशिंगटन से आई इस रिपोर्ट में विकसित अर्थव्यवस्थाओं के पेटेंट और रोजगार डाटा का गहन विश्लेषण किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि तकनीक अब केवल भविष्य का सपना नहीं, बल्कि वर्तमान की आर्थिक वास्तविकता है।

अध्ययन के मुताबिक, वर्ष 2000 से 2017 के बीच एआइ से जुड़े पेटेंट की गतिविधियों के कारण प्रति कर्मचारी उत्पादन में 0.8 प्रतिशत से 1.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की जा चुकी है। इस अवधि में एआइ तकनीक से संबंधित पेटेंट जारी होने की प्रक्रिया में भारी तेजी आई और 2017 तक यह संख्या तीन गुना से अधिक हो गई।

इस दौरान दुनिया भर में जारी कुल एआइ-संबंधित पेटेंटों में ओईसीडी (आर्गनाइजेशन फार इकनामिक कोआपरेशन एंड डेवलपमेंट) देशों की हिस्सेदारी लगभग 89 प्रतिशत रही। शोधकर्ताओं का आकलन है कि जैसे-जैसे तकनीकी विकास गति पकड़ेगा और विभिन्न उद्योगों में इसका विस्तार होगा, दीर्घकाल में उत्पादकता में 3.8 प्रतिशत तक का बंपर उछाल आ सकता है।

अध्ययन में यह भी रेखांकित किया गया है कि एआइ के ये आर्थिक लाभ सभी देशों या रोजगार श्रेणियों में एक समान रूप से वितरित नहीं होंगे। जिन देशों में पेशेवर और प्रबंधकीय पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों का अनुपात अधिक है, उन्हें इस तकनीक से अधिक उत्पादकता लाभ मिला है।

इसका यह अर्थ लगाया जा रहा है कि एआइ मौजूदा कार्यों को प्रतिस्थापित करने के बजाय कुशल कर्मचारियों के काम को अधिक प्रभावी ढंग से पूरक बनाता है। भारत के संदर्भ में देखें तो देश ने एआइ, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रौद्योगिकी आधारित आर्थिक विकास पर विशेष नीतिगत जोर दिया है।

भारत का विशाल आइटी उद्योग और कुशल कामगारों का बड़ा पूल इस बात का संकेत देता है कि जैसे-जैसे व्यवसाय एआइ का दायरा बढ़ाएंगे, उत्पादकता, उचित प्रशिक्षण और कार्यबल की गतिशीलता देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दे बन जाएंगे।

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