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ICICI Bank Q2 Result: आईसीआईसीआई बैंक ने जारी किए दूसरी तिमाही के नतीजे, मुनाफा 20% बढ़कर हुआ 14843 करोड़ रुपये

Published: Sat, 17 Oct 2026 04:48 PM (IST)Updated: Sat, 17 Oct 2026 05:23 PM (IST)

ICICI Bank Q2 Result: आईसीआईसीआई बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित किए, जिसमें बैंक का ...और पढ़ें

मुनाफा 20.1% बढ़कर ₹14,843 करोड़ हुआ।

मुनाफा 20.1% बढ़कर ₹14,843 करोड़ हुआ।

HighLights

  1. मुनाफा 20.1% बढ़कर ₹14,843 करोड़ हुआ।

  2. नेट इंटरेस्ट इनकम 17.7% बढ़कर ₹25,339 करोड़।

  3. ग्रॉस NPA घटकर 1.20% हुआ, एसेट क्वालिटी सुधरी।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। ICICI Bank Q2 Result: भारत के दूसरे सबसे बड़े प्राइवेट बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने शनिवार 17 अक्टूबर को वित्त वर्ष 2026-27 के दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए। सालाना आधार पर कंपनी का मुनाफा 20.1 फीसदी बढ़कर 14843 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में बैंक को 12358.89 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।

बैंक का मुनाफा बाजार के अनुमानों से बेहतर रहा। शुद्ध मुनाफे में बढ़ोतरी के साथ ICICI बैंक ने नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) और एडवांस (कर्ज) में मजबूत वृद्धि दर्ज की, जबकि एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ।

कैसे रहे ICICI Bank के नतीजे

नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) - जो कि कमाए गए ब्याज और दिए गए ब्याज के बीच का अंतर है - पिछले साल की इसी तिमाही के 21,529 करोड़ रुपये से 17.7 प्रतिशत बढ़कर, दूसरी तिमाही में 25,339 करोड़ रुपये हो गई।

जुलाई-सितंबर तिमाही में बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 4.18 प्रतिशत रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह 4.36 प्रतिशत और एक साल पहले इसी अवधि में 4.30 प्रतिशत था। ब्याज आय में मजबूत वृद्धि के बावजूद, मार्जिन में 18 बेसिस पॉइंट की यह गिरावट दबाव को दर्शाती है।

बैंक ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में टैक्स रिफंड पर मिलने वाला ब्याज न के बराबर था, जबकि पिछली तिमाही में यह 8 बेसिस पॉइंट था।

कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 21.8 प्रतिशत बढ़कर 17,078 करोड़ रुपये से 20,805 करोड़ रुपये हो गया। फीस से होने वाली आय 20.1 प्रतिशत बढ़कर 7,795 करोड़ रुपये हो गई, जिसमें रिटेल, ग्रामीण और बिजनेस बैंकिंग ग्राहकों से प्राप्त फीस का हिस्सा कुल आय का लगभग 75 प्रतिशत है। ऑपरेटिंग खर्च सालाना आधार पर 8.5 प्रतिशत बढ़कर 12,811 करोड़ रुपये हो गए।

30 सितंबर 2026 को ग्रॉस NPA अनुपात 1.20% था, जबकि 30 जून 2026 को यह 1.38% और 30 सितंबर 2025 को 1.58% था। 30 सितंबर 2026 को नेट NPA अनुपात 0.30% था, जबकि 30 जून 2026 को यह 0.35% और 30 सितंबर 2025 को 0.39% था।

30 सितंबर 2026 तक, कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 27.1% और पिछली तिमाही की तुलना में 11.8% बढ़कर ₹ 20,49,874 करोड़ हो गए। FCNR (B) डिपॉजिट को छोड़कर, कुल डिपॉजिट में सालाना आधार पर 17.0% और पिछली तिमाही की तुलना में 3.1% की वृद्धि हुई।

Q2-2027 में, औसत डिपॉजिट सालाना आधार पर 21.2% और पिछली तिमाही की तुलना में 8.0% बढ़कर ₹ 18,88,219 करोड़ हो गए। Q2-2027 में, औसत करंट और सेविंग्स अकाउंट डिपॉजिट में सालाना आधार पर 10.7% और पिछली तिमाही की तुलना में 1.4% की वृद्धि हुई। Q2-2027 में औसत करंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट (CASA) अनुपात 35.8% रहा, जो FCNR (B) डिपॉजिट के आने से टर्म डिपॉजिट बेस में हुई वृद्धि को दर्शाता है।

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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)