कनाडाई अरबपति के हाथ बिके 62 साल पुराने भारीतय बैंक के आए नतीजे, मुनाफे में 39% की भारी गिरावट; NII में उछाल
IDBI Bank Q2 results: IDBI बैंक ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित किए, जिसमें उसका शुद्ध ...और पढ़ें

IDBI बैंक का शुद्ध लाभ 39.2% घटकर ₹2,206 करोड़ रहा।
HighLights
IDBI बैंक का शुद्ध लाभ 39.2% घटकर ₹2,206 करोड़ रहा।
बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 29% बढ़कर ₹4,228 करोड़ हुई।
सरकार ने IDBI बैंक की 60.7% हिस्सेदारी फेयरफैक्स को बेची।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। IDBI Bank Q2 results: भारत के 62 साल पुराने IDBI Bank ने शनिवार 17 अक्टूबर को वित्त वर्ष 2026-27 के दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित किए। बैंक के मुनाफे में भारी गिरावट देखी गई। 14 अक्टूबर को मोदी कैबिनेट ने इस बैंक की 60.7 फीसदी की हिस्सेदारी बेचने की मंजूरी दी थी। भारत के इस बैंक को कनाडाई कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स खरीदेगी। यह डील करीब 52878 करोड़ रुपये में हुई है। खास बात यह है कि इस कनाडाई कंपनी के मालिक का जन्म भारत में ही हुआ था। इनका नाम प्रेम वत्स है। 1950 में हैदराबाद के पास जन्मे वत्स टोरंटो स्थित फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। उन्हें अक्सर कनाडा का वॉरेन बफेट कहा जाता है।
आइए जानते हैं कि विदेशी हाथों में जा रहे IDBI बैंक के नतीजे कैसे रहे।
कैसे रहे IDBI Bank के नतीजे
IDBI बैंक ने शनिवार को बताया कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में उसका नेट प्रॉफिट 39.2 प्रतिशत घटकर 2,206 करोड़ रुपये रह गया है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह 3,627 करोड़ रुपये था।
बैंक ने बताया कि पिछले साल की इसी तिमाही में NSDL की रणनीतिक बिक्री से 1,699 करोड़ रुपये का एकमुश्त लाभ शामिल था। इस लाभ को हटा दें, तो शुद्ध लाभ में साल-दर-साल 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
हालांकि, बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (जो कि अर्जित ब्याज और ब्याज खर्च के बीच का अंतर है) पिछले साल की समान अवधि के 3,285 करोड़ रुपये से 29 प्रतिशत बढ़कर, दूसरी तिमाही में 4,228 करोड़ रुपये हो गई। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पिछले साल के 3.71 प्रतिशत से 40 बेसिस पॉइंट्स (bps) बढ़कर, Q2FY27 में 4.11 प्रतिशत हो गया। जून तिमाही के 3.61 प्रतिशत के मुकाबले, NIM में तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर 50 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हुई।
IDBI बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) रेशियो, पिछली तिमाही के 2.30 प्रतिशत और एक साल पहले के 2.65 प्रतिशत से घटकर 2.12 प्रतिशत हो गया है। हालांकि, नेट NPA रेशियो जून तिमाही के 0.16 प्रतिशत से मामूली रूप से बढ़कर 0.17 प्रतिशत हो गया है, लेकिन यह एक साल पहले के 0.21 प्रतिशत के मुकाबले बेहतर है।
कुल जमा राशि (डिपॉजिट) सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़कर 3,03,408 करोड़ रुपये से 3,55,684 करोड़ रुपये हो गई, जबकि नेट एडवांस 18 प्रतिशत बढ़कर 2,30,220 करोड़ रुपये से 2,71,533 करोड़ रुपये हो गए। पिछली तिमाही के मुकाबले (सीक्वेंशियल आधार पर), जमा राशि में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि नेट एडवांस में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
करंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट (CASA) डिपॉजिट सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़कर 1,55,877 करोड़ रुपये हो गए। CASA अनुपात 43.82 प्रतिशत रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 18 बेसिस पॉइंट्स बेहतर है।
IDBI बैंक में भारत सरकार बेच रही अपनी हिस्सेदारी
आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) द्वारा आईडीबीआई बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी कनाडा स्थित फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की मूल इकाई, कनाडा इंक को 52,878.08 करोड़ रुपये में बेचने की मंजूरी मिली।
इस लेन-देन में भारत सरकार की 30.48 प्रतिशत हिस्सेदारी और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री शामिल थी। लेन-देन के बाद, सरकार बैंक में 15 प्रतिशत हिस्सेदारी बरकरार रखेगी, जबकि एलआईसी के पास 19 प्रतिशत हिस्सेदारी बनी रहेगी।
"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
