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नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। टेलीकॉम मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत इस साल 5 जी स्पेक्ट्रम की नीलामी करेगा, लेकिन फिलहाल यह तय नहीं हुआ है कि चीनी कंपनी हुआवे को टेक्नोलॉजी के लिए टेस्ट करने की अनुमति मिलेगी या नहीं। ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने पिछले माह हुआवे और इसकी सहयोगी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया था, 5 जी टेक्नोलॉजी की लीडर मानी जाने वाली टेलीकॉम उपकरण कंपनी हुआवे सरकारी मंजूरी के बिना कोई कार्य नहीं कर सकती है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा हम इस मुद्दे पर विचार करेंगे। यह सिर्फ टेक्नोलॉजी का ही मामला नहीं है बल्कि सेफ्टी का मुद्दा भी है, क्योंकि 5 जी में उनकी भागीदारी की बात है। प्रसाद ने कहा कि आने वाले 100 दिनों में परीक्षण शुरू हो जाएगा। टेलीकॉम मिनिस्ट्री का चार्ज संभालने के बाद उन्होंने कहा कि किसी कंपनी को हिस्सा लेने की अनुमति मिलेगी या नहीं यह एक सेफ्टी का मुद्दा है।

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने टेलीकॉम फ्रीक्वेंसी के लगभग 8,644 एमएचजेड की नीलामी की सिफारिश की है, जिसमें 5G सर्विस के लिए 4.9 लाख करोड़ रुपये की एस्टिमेटेड कीमत है, लेकिन टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि वे कीमत का जोखिम नहीं उठा सकते हैं ।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि टेलीकॉम पर संसद की स्टेंडिंग कमेटी या फाइनेंस कमेटी 5जी की कीमत तय करने पर कोई समाधान देगी। प्रसाद ने कहा कि हमारा यह प्रयास रहेगा कि 5जी टेक्नोलॉजी का उपयोग वंचित वर्गों, सामाजिक कार्यों, एजुकेशन और हेल्थ के लिए भी किया जाए और टेक्नोलॉजी को ग्रामीण लोगों तक पहुंचाया जाए। उनका उद्देश्य भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) को फिर से दौड़ में लाना है, लेकिन उनका मानना है कि सरकारी कंपनियां एक प्रोफेशनल तरीका अपनाएं।  

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Posted By: Sajan Chauhan

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