बढ़ने वाले हैं घर और गाड़ियों के दाम! महंगाई का झटका लगने से पहले खरीदारी का आखिरी मौका?
वैश्विक हालात और बढ़ती महंगाई के कारण दिसंबर से मकान और गाड़ियों की कीमतें बढ़ने के साथ-साथ कर्ज की ब्याज ...और पढ़ें

दिसंबर से मकान और गाड़ियों की कीमतें बढ़ेंगी।
HighLights
दिसंबर से मकान और गाड़ियों की कीमतें बढ़ेंगी।
आरबीआई दिसंबर में रेपो रेट 25 आधार अंक बढ़ाएगा।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें निर्माण लागत बढ़ाएंगी।
राजीव कुमार, नई दिल्ली। मकान और गाड़ी खरीदने की सोच रहे हैं तो नवंबर तक में इसकी खरीदारी करना फायदेमंद साबित हो सकता है। दिसंबर से दोनों की खरीदारी की लागत बढ़ने के पुख्ता आसार हैं। वैश्विक हालात को देखते हुए अगले दो-तीन माह में मकान और गाड़ी की निर्माण लागत बढ़ने से उनके दाम बढ़ेंगे और आरबीआई की तरफ से रेपो रेट बढ़ाने से बैंकों की कर्ज की ब्याज दर में भी इजाफा पक्का माना जा रहा है।
महंगाई बढ़ने की आशंका के संदर्भ में एचडीएफसी बैंक की प्रमुख अर्थशास्त्री साक्षी गुप्ता कहती है, महंगाई के दबाव को देखते हुए दिसंबर में आरबीआई फिर से रेपो रेट में 25 आधार अंक का इजाफा कर सकता है। रेपो रेट में आरबीआई ने अभी अक्टूबर में ही बढ़ोतरी की है। इसका असर खपत पर भी दिख सकता है।
दिसंबर और मार्च 2026 में भी RBI बढ़ा सकता है रेपो रेट
कई अन्य आर्थिक जानकारों का कहना है कि आरबीआई दिसंबर के बाद अगले मार्च में भी रेपो रेट बढ़ा सकता है। ऐसे में आशंका है कि बैंक की ब्याज दर पिछले माह के मुकाबले दिसंबर में 50 आधार अंक बढ़ जाएगी और मकान खरीदने वालों को ईएमआई पर अधिक ब्याज चुकानी पड़ेगी। कार लोन कर्ज की दर भी बढ़ जाएगी और उस पर अधिक ब्याज देना होगा।
70 प्रतिशत से अधिक मकान और कार बैंकों से लोन लेकर खरीदे जाते हैं। कार लोन की अवधि अधिकतम सात साल की होती है, इसलिए उसके लोन की किस्त भी अधिक होती है।
अर्बन मनी के को-फाउंडर अमित प्रकाश सिंह का कहना है कि दिसंबर में रेट बढ़ने पर कम या मध्यम बजट के मकान के खरीदार निश्चित रूप से अपनी लागत का मूल्यांकन करेंगे और वे खरीदारी को टाल भी सकते हैं, लेकिन प्रीमियम सेगमेंट पर इसका असर नहीं होगा। गोल्डन ग्रोथ फंड के सीईओ अंकुर जालान ने बताया कि कम बजट वाले मकान खरीदार लोन ईएमआई की राशि पर पूरा ध्यान देते हैं।
20 साल के लिए 50 लाख तक के लोन पर 1000 रुपए प्रतिमाह की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन सीमित कमाई वाले इतनी राशि का भी ध्यान रखते हैं। अभी होम लोन 7.60 प्रतिशत से लेकर 13 प्रतिशत तक है जो बैंक और ग्राहक के सिबिल स्कोर पर निर्भर करता है। हालांकि फ्लोटिंग रेट पर लोन लेने पर बाद में भी लोन की किस्त बढ़ जाएगी, इसलिए ग्राहकों को फिक्स्ड रेट पर लोन लेने का प्रयास करना चाहिए।
मकान और गाड़ी निर्माण लागत भी बढ़ेगी
पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की कीमत लगातार बढ़ रही है जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई को हवा मिल रही है। घरेलू स्तर प र महंगाई दर 5.5 प्रतिशत के स्तर को पार कर चुकी है और दिसंबर-जनवरी तक यह स्तर छह प्रतिशत तक जा सकता है। गुरुवार को कच्चे तेल के दाम 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से सरकार को अधिक डालर खर्च करना पड़ता है जिससे रुपए के मूल्य में कमजोरी आती है।
रुपए में कमजोरी से सभी प्रकार के आयातित माल महंगे हो जाएंगे जिससे मैन्यूफैक्चरिंग लागत बढ़ेगी। गुरुवार को रुपए में एक बार फिर से कमजोरी देखी गई और एक डॉलर का मूल्य 94.93 रुपए हो गया। जबकि गत 21 अक्टूबर को एक डॉलर का मूल्य 94.31 रुपए था।
