भारत के सिंदूरी किस्म वाले अनार का विदेशों में जलवा, 1.3 मीट्रिक टन खेप दुबई रवाना
1.3 मीट्रिक टन सिंदूरी अनार दुबई को सफलतापूर्वक निर्यात किए गए हैं, जिससे भारतीय कृषि उत्पादों के लिए नए वैश्विक ...और पढ़ें

सिंदूरी अनार की किस्म पहुंची विदेश
HighLights
कुल्लू के 1.3 मीट्रिक टन सिंदूरी अनार दुबई निर्यात।
APEDA और FPO ने भारतीय कृषि निर्यात को बढ़ावा दिया।
किसानों की आय बढ़ाने और नए बाजार खोलने की पहल।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| भारत के प्रोसेस्ड फूड दुनिया के कई देशों में अपना जलवा बिखेर रहे हैं। इसके साथ ही एग्री और हॉर्टिकल्चर उत्पादों को भी खूब प्रमोट किया जा रहा है। केंद्रीय वाणिज्य उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि हिमाचल प्रदेश के 'सिंदूरी अनारों' का दुबई में सफलतापूर्वक एक्सपोर्ट किया गया है। इससे विदेशी बाजारों में भारतीय कृषि उत्पादों के लिए नया बाजार खुल रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) की मदद से, कुल्लू के 1.3 मीट्रिक टन सिंदूरी अनार दुबई एक्सपोर्ट किए गए हैं। स्थानीय उपज को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने की यह पहल, किसानों की आय बढ़ाने और भारतीय कृषि निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
FPO बनाकर किसानों ने किया निर्यात
कुल्लू जिले में पैदा होने वाले सिंदूरी किस्म के अनार अब स्थानीय स्तर से निकल कर अंतरराष्ट्रीय बाजारों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। जिले से 1.3 मीट्रिक टन अनार संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर को एक्सपोर्ट किया गया है। अनार के निर्यात में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय ने विशेष मदद की है। कुल्लू के अलग-अलग किसानों से अनार इकट्ठे करने और उन्हें एक्सपोर्ट के लिए उपलब्ध करवाने में भुंतर स्थित किसान उत्पादक संगठन (FPO) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कुल्लू के सिंदूरी अनार की दुबई तक पहुँची मिठास! हिमाचल प्रदेश के किसानों की उपज अब वैश्विक बाजारों में नई पहचान बना रही है। @APEDADOC के सहयोग से कुल्लू से दुबई तक 1.3 मीट्रिक टन सिंदूरी अनार का निर्यात किया गया है। स्थानीय उपज को वैश्विक बाजारों से जोड़ने की यह पहल किसानों की आय बढ़ाने और भारतीय कृषि निर्यात को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) October 22, 2026
हिमाचली फलों को विदेशी बाजारों तक पहुंचाने के लिए खास पहल की जा रही है। इसी साल जून में शिमला जिले के जड़ोल-टिक्कर और बागी क्षेत्रों के 6 प्रगतिशील किसानों द्वारा उगाए जा रहे फलों की पहली खेप ओमान निर्यात की गई थी। इस खेप में 400 किलोग्राम चेरी और 400 किलोग्राम प्लम शामिल थे। अब कुल्लू के सिंदूरी अनार का संयुक्त अरब अमीरात में एक्सपोर्ट होने से हिमाचल के अलग-अलग फलों के लिए ग्लोबल मार्केट की संभावनाएं आगे बढ़ी हैं।
APEDA की मदद से बढ़ रहा निर्यात
खाद्य उत्पादों के निर्यात के मामले में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस महीने की शुरुआत में APEDA ने हरियाणा के सोनीपत से कनाडा तक करीब 24 मीट्रिक टन फ्रोजन फूड आयटम्स की एक खेप भेजने में मदद की। किसान उत्पादक संगठनों (FPO) की ओर से भेजी गई इस खेप में हरी मटर, मिक्स सब्जियां, गाजर, स्वीट कॉर्न और समोसे जैसे कई आयटम्स शामिल थे। एक्सपोर्ट करने वाली यूनिट को APEDA की वित्तीय सहायता योजना से भी मदद मिली।
