नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्‍त मंत्री 5 जुलाई को बजट पेश करेंगी। आज हम आपको मोदी सरकार के पहले बजट यानि कि 2014-15 वित्त वर्ष के बजट के बारे में बता रहे हैं। 2014-15 का बजट तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पेश किया था। 10 जुलाई, 2014 को अरुण जेटली ने बजट पेश किया था। 

2014-15 के बजट की खास बातें: 

क्या हुआ महंगा 

2014-15 के बजट में सिगरेट, सिगार, गुटखा, तंबाकू, कोल्ड ड्रिंक्स, बोतलबंद जूस, रेडीमेड कपड़े, इंपोर्टेड कॉस्मेटिक्स महंगे हुए। 

क्या हुआ सस्ता 

हीरे, कीमती रत्न सस्ते हुए, तेल साबुन, कंप्यूटर पार्ट्स, एलसीडी, एलईडी टीवी, मोबाइल फोन सस्ते हुए। 

इनकम टैक्‍स

इनकम टैक्स छूट लिमिट 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख हुई थी। 

सीनियर सिटीजन के लिए 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख की हुई थी। 

15,000 से कम मंथली सैलरी पर पीएफ की कटौती बंद हुई थी। 

नेशनल हाउसिंग बैंक योजना के लिए 8 हजार करोड़ रुपये दिए थे। 

इनकम टैक्‍स मेें होमलोन के ब्‍याज पर छूट की सीमा 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये हुई थी। 

एजुकेशन 

उत्तराखंड में हिमालय के अध्ययन केंद्र के लिए 100 करोड़ दिए थे। 

देश में 5 नए आईआईटी और 5 नए आईआईएम के लिए 500 करोड़ रुपये दिए थे। 

नए टीचर ट्रेनिंग के लिए 500 करोड़ रुपये दिए थे। 

यूथ लीडरशिप कार्यक्रम के लिए 100 करोड़ रुपये दिए थे। 

खेल 

जम्मू-कश्मीर में स्टेडियमों के लिए 200 करोड़ दिए थे। 

मणिपुर में खेलों के लिए 100 करोड़ रुपये दिए थे। 

हस्तकला एकेडमी के लिए 30 करोड़ रुपये दिए थे। 

सेेेेना 

सेना में वन रैंक वन पेंशन के लिए 1,000 करोड़ रुपये दिए थे। 

युद्ध स्मारक के लिए 100 करोड़ रुपये दिए थे। 

किसान 

कृषि उत्पादों के भंडारण के लिए 5,000 करोड़ रुपये दिए थे। 

किसान टेलीविजन के लिए 100 करोड़ रुपये दिए थे। 

किसानों को हेल्थ कार्ड के लिए 100 करोड़ रुपये दिए थे।

ग्रामीण उद्यमिता के लिए 100 करोड़ रुपये दिए थे। 

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये दिए गए थे। 

500 करोड़ रुपये ग्राम ज्योति योजना के लिए दिए थे।     

 

Posted By: Manish Mishra

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