नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। इस फेयर क्रीम से एक हफ्ते में आपका काला रंग हो जाएगा गोरा, अगर आप भी अपना कद चाहते हैं अमिताभ जैसा लंबा तो पीजीए यह जड़ी-बूटियों वाला ज्यूस, सुबह-शाम लेनी होगी सिर्फ दो गोलियां और 15 दिन में आपका मोटापा हो जाएगा छू-मंतर। सालों से आप ऐसे विज्ञापनों को टीवी, अखबारों और इंटरनेट पर देखते आ रहे होंगे। आपने यौन शक्ति बढ़ाने का दावा करने वाले विज्ञापनों से कुछ विशेष दीवारों को अटा हुआ भी जरूर देखा होगा। अब सरकार ऐसे भ्रामक विज्ञापनों पर लगाम लगाने की तैयारी में है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय मौजूदा ड्रग्स एंड मैजिक रेमिडीस (ऑब्जेक्शनेबल एडवर्टाइजमेंट) एक्ट 1954 में संशोधन करने का प्रस्ताव लेकर आई है। इस प्रस्ताव में चेहरा गोरा करने, यौन शक्ति बढ़ाने, बांझपन, जवान बनाने और दिमागी शक्ति को दूसरों से अधिक तेज करने जैसे भ्रामक विज्ञापनों पर पांच साल तक की जेल और 50 लाख के जुर्माने का प्रावधान है। सरकार फर्जी विज्ञापन दिखाकर लोगों को बेवकूफ बनाने वाली कंपनियों पर शिकंजा कसने के लिए यह प्रावधान लाने जा रही है।

इस संसोधन से बीमारियों, डिसऑर्डर्स और एक्ट में मौजूद कंडीशंस की लिस्ट में कई सारी चीजें जोड़ीं जा रही हैं। इस संसोधन से कपंनियों द्वारा अपने उत्पाद को बेचने के लिए भ्रामक और फर्जी विज्ञापन बनाने पर रोक लगाने का प्रावधान लाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, सुंदर और आकर्षक बनाने का दावा करने वाले फर्जी विज्ञापन दिखाने वाली कंपनियों पर सजा के रूप में दो साल की जेल और 10 लाख के जुर्माने का प्रावधान लाया जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद भी अगर कंपनियां ऐसे विज्ञापन दिखाएंगी, तो 50 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान होगा।

ऐसा देखा गया है कि कई लोग कंपनियों के इन भ्रामक विज्ञापनों के झांसे में आ जाते हैं और अपना रुपया तो खराब करते ही हैं, अपना शरीर भी खराब कर लेते हैं। इसमें ज्यादातर गोरी रंगत पाने वाले मामले होते हैं। सरकार द्वारा लाए जा रहे इस नए प्रावधान से कंपनियों के इन भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लग सकेगी।

Posted By: Pawan Jayaswal

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