व्यापारियों को बड़ी राहत, टैक्स अधिकारियों से छिने गिरफ्तारी के अधिकार; GST कांउसिल की 57वीं बैठक में बड़ा फैसला
57th GST Council Meeting: जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए टैक्स अधिकारियों से मनमानी गिरफ्तारी का ...और पढ़ें
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जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में व्यापारियों को मिली बड़ी राहत टैक्स अधिकारियों से गिरफ्तारी का अधिकार वापस लिया गया

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| GST Council Meeting Update: जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई इस अहम बैठक में टैक्स अधिकारियों से मनमानी गिरफ्तारी का अधिकार छीन लिया गया। अब किसी भी मामले में गिरफ्तारी के लिए अधिकारियों को पहले कोर्ट से आदेश लेना होगा। इससे व्यापारियों में बेवजह का डर खत्म होगा। यह फैसला व्यापारियों और टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत दे सकता है।
GST में सुधारों की राज्यों ने की तारीफ
इस बैठक (GST 57th Meeting) में हुए सुधारों की राज्यों ने भी जमकर तारीफ की। पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने इन फैसलों को काफी सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा,
"पश्चिम बंगाल जैसे राज्य के लिए जीएसटी हमेशा से बहुत फायदेमंद रहा है। हमारे कुल रेवेन्यू का एक बहुत बड़ा हिस्सा जीएसटी से ही आता है।"
दासगुप्ता ने आगे कहा कि इस बार की बैठक में 'स्ट्रक्चरल' सुधारों पर खास जोर दिया गया है। नियमों और प्रस्तावों को तर्कसंगत बनाने से देश में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' यानी व्यापार करने की सहूलियत को काफी बढ़ावा मिलेगा।
दासगुप्ता ने यह भी बताया कि जीएसटी अधिकारियों की मनमानी को रोकने के लिए गिरफ्तारी के अधिकार छीन लिए गए हैं।
गिरफ्तारी, मुकदमा और जुर्माना
जीएसटी से गिरफ्तारी का अधिकार पूरी तरह हटा दिया गया है। मुकदमा (प्रॉसिक्यूशन) चलाने की सीमा 1 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए कर दी गई है। सामान्य जुर्माना 25,000 रुपए से घटाकर 10,000 रुपए कर दिया गया है। यह इसलिए मुमकिन हुआ क्योंकि अब सारा खेल डेटा और सिस्टम का है, डराने-धमकाने की जरूरत नहीं रही।
