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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

11 जुलाई को हो सकती है GST Council की अगली बैठक, Online Gaming पर हो सकती है चर्चा

By Gaurav KumarEdited By: Gaurav Kumar
Published: Thu, 15 Jun 2023 09:18 PM (IST)

जीएसटी काउंसिल की 50वीं बैठक 11 जुलाई को हो सकती है। इस बैठक में ऑनलाइन गेमिंग के उपर भी चर्चा ...और पढ़ें

Next meeting of GST Council may be held on July 11
Next meeting of GST Council may be held on July 11

नई दिल्ली,बिजनेस डेस्क: देश में जीएसटी को रिव्यू करने के लिए जीएसटी काउंसिल की बैठक आगमी 11 जुलाई को हो सकती है। इस जीएसटी काउंसिल की 50वीं बैठक होगी जो दिल्ली के विज्ञान भवन में की जाएगी। इस बैठक में इंवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर से लेकर ऑनलाइन गेमिंग पर जीएसटी दरों पर चर्चा हो सकती है।

जीएसटी दरों में हो सकता है बदलाव

आपको बता दें कि जीएसटी काउंसिल की पिछली दो बैठक में इंवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। इंवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में बदलाव करने से देश में मौजूद कई वस्तुओं की जीएसटी दरों में बदलाव हो सकता है।

इस मीटिंग में ऑनलाइन गेमिंग पर भी मंत्रियों की चर्चा हो सकती है। आपको बता दें कि ऑनलाइन गेमिंग पर जीएसटी दरों को लेकर मंत्रियों का ग्रुप बनाया गया था जिन्होंने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। हालांकि अभी तक आगमी बैठक में क्या एजेंडा होगा यह तय नहीं हुआ है।

12 फीसदी बढ़ा जीएसटी संग्रह

हाल में वित्त मंत्रालय की ओर से जारी डेटा के मुताबिक मई महीने में जीएसटी संग्रह 12 प्रतिशत बढ़कर 1.57 लाख करोड़ रुपये हो गया था।

जीएसटी के कुल 1,57,090 करोड़ रुपये संग्रह में से केंद्रीय जीएसटी 28411 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी 35,828 करोड़ रुपये और एकीकृत जीएसटी 81,363 करोड़ रपये रहा था।

क्या है जीएसटी?

जीएसटी का पूरा नाम गुड्स एंड सर्विस टैक्स है। यह एक अप्रत्यक्ष कर है जो भारत में कई अप्रत्यक्ष करों जैसे उत्पाद शुल्क, वैट, सेवा कर आदि को बदले लाया गया है। गुड्स एंड सर्विस टैक्स अधिनियम को 29 मार्च 2017 में संसद से पारित किया गया था और 1 जुलाई 2017 को इसे लागू कर दिया गया था।

गुड्स एंड सर्विस टैक्स एक गंतव्य-आधारित, बहु-स्तरीय, व्यापक टैक्स है जो मूल्यवर्धन के प्रत्येक चरण पर लगाया जाता है। जीएसटी भारत सरकार को अपने 'वन नेशन वन टैक्स' एजेंडे को हासिल करने में भी मदद करता है। विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी की दरें पूरे देश में समान रूप से लागू हैं।