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त्योहारी सीजन से पहले LPG सिलिंडर पर राहत वाली खबर, OMCs ने बढ़ाया प्रोडक्शन; 44000 टन उत्पादन प्रतिदिन

Published: Wed, 23 Sep 2026 06:22 PM (IST)

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और त्योहारी मांग के चलते भारत की सरकारी रिफाइनरियों ने एलपीजी का उत्पादन बढ़ा दिया ...और पढ़ें

सरकारी रिफाइनरियों ने लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) का प्रोडक्शन बढ़ा दिया है।

सरकारी रिफाइनरियों ने लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) का प्रोडक्शन बढ़ा दिया है।

HighLights

  1. सरकारी रिफाइनरियों ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाया।

  2. त्योहारी मौसम में बढ़ती मांग पूरी करने की कवायद।

  3. खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव से आपूर्ति बाधित हुई।

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव कब खत्म होगा इस सस्पेंस बना हुआ है। इस युद्ध के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाधित होने से तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और सप्लाई प्रभावित हो रही है। इस बीच भारत की सरकारी रिफाइनरियों ने लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) का प्रोडक्शन बढ़ा दिया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में यह बताया गया। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि देश में त्योहारों के मौसम के कारण खाना पकाने वाले ईंधन की मांग बढ़ गई है, जबकि दूसरी ओर पर्शियन गल्फ में चल रहे टकराव की वजह से तय सप्लाई में रुकावट आ रही है।

दुनिया में भारत LPG का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है। देश हाल तक अपनी ज़्यादातर सप्लाई फ़ारस की खाड़ी से लेता था। इस निर्भरता की वजह से पिछले कुछ महीनों में हुए टकराव और व्यापार में उथल-पुथल का उस पर काफ़ी असर पड़ा। इससे निपटने के लिए देश ने कई कदम उठाए, जिनमें घरेलू उत्पादन बढ़ाना भी शामिल है।

44,000 टन LPG प्रोडक्शन प्रति दिन

गर्मियों के महीनों में जब अमेरिका और अफ्रीका से वैकल्पिक सप्लाई आने लगी और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी ने ओमान के सोहर पोर्ट पर सप्लाई शुरू की, तो भारतीय रिफाइनरियों ने युद्ध के समय के ऊंचे स्तर से अपना प्रोडक्शन कम कर दिया था। लेकिन मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, तब से प्रोडक्शन फिर से बढ़ गया है और अभी यह लगभग 44,000 टन LPG प्रति दिन है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इन लोगों ने अपना नाम न बताने का अनुरोध किया। यह अगस्त के औसत से लगभग पांचवां हिस्सा ज़्यादा है।

ऐसा आंशिक रूप से बढ़ती मांग को संभालने के लिए किया जा रहा है, क्योंकि खपत को आसान बनाने के लिए उठाए गए कदम अब कम हो रहे हैं। पिछले महीने, ग्रामीण परिवारों को बताया गया कि उन्हें सिलेंडर रिफिल कराने के लिए केवल 25 दिन इंतजार करना होगा, जो मार्च में लागू किए गए आपातकालीन 45 दिनों के मुकाबले कम है; अधिकारियों ने बेहतर सप्लाई और कम बैकलॉग का हवाला दिया।

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भारत में त्योहारी सीजन की शुरुआत हो गई है और यह नवंबर में दिवाली तक चलेगा। आमतौर पर सर्दियों का मौसम मांग को और बढ़ाता है, जिससे रिफाइनर को घरेलू उत्पादन और बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।