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IDBI Bank के बाद इन 4 सरकारी बैंकों का नंबर, हिस्सेदारी घटाने की तैयारी; 2 बैंकों के निजीकरण का प्लान- रिपोर्ट

Published: Fri, 23 Oct 2026 11:26 AM (GMT+05:30)

केंद्र सरकार IDBI बैंक के निजीकरण के बाद चार अन्य सरकारी बैंकों - सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, पंजाब ...और पढ़ें

4 सरकारी बैंकों में सरकार घटाएगी हिस्सेदारी। (सांकेतिक तस्वीर)

4 सरकारी बैंकों में सरकार घटाएगी हिस्सेदारी। (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. IDBI बैंक के बाद चार अन्य सरकारी बैंकों में हिस्सेदारी घटाने की योजना।

  2. सेंट्रल बैंक, यूको, पंजाब एंड सिंध, इंडियन ओवरसीज बैंक शामिल हैं।

  3. सरकार दो और बैंकों के निजीकरण की भी तैयारी कर रही है।

नई दिल्ली। IDBI बैंक के निजीकरण के बाद केंद्र सरकार 4 अन्य सरकारी बैंकों (PSU Banks) में भी अपनी हिस्सेदारी कम करने की योजना बना रही है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों का पालन करने के लिए चार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों - सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक - में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 75% करने पर विचार कर रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार, सरकारी बैंकों के एक और दौर के विलय (कंसोलिडेशन) की तैयारी कर रही है। इस प्रक्रिया में निजीकरण के लिए दो और बैंकों की पहचान की जा सकती है। केंद्र सरकार ने 2021-22 के बजट में यह एलान किया था कि वह IDBI बैंक के अलावा, दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और एक जनरल इंश्योरेंस कंपनी का भविष्य में निजीकरण करेगी।

रिपोर्ट में और क्या बताया गया?

'द इकोनॉमिक टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य तीन से चार बड़े सरकारी बैंक रखना है। खबरों के मुताबिक, नीति आयोग ने निजीकरण के संभावित उम्मीदवारों के रूप में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक को शॉर्टलिस्ट किया है।

इन 2 बैंकों का निजीकरण संभव

रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य तीन से चार बड़े सरकारी बैंक रखना है। खबरों के मुताबिक, नीति आयोग ने निजीकरण के संभावित उम्मीदवारों के रूप में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक को शॉर्टलिस्ट किया है।

एक अधिकारी के हवाले से अखबार ने बताया कि पहली प्राथमिकता अगले एक साल में इन चार बैंकों में पब्लिक हिस्सेदारी बढ़ाना है। हालांकि बैंक अपनी-अपनी रणनीतियों के अनुसार बाजार से फंड जुटा सकते हैं, लेकिन सरकार बाजार की स्थितियों को देखते हुए 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेचने पर विचार करेगी।

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बता दें कि इस महीने की शुरुआत में सरकार ने घोषणा की थी कि कनाडाई अरबपति प्रेम वत्सा द्वारा प्रवर्तित फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स, IDBI बैंक में 52,878 करोड़ रुपये में 60.72% हिस्सेदारी खरीदेगी।