नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने निर्यातकों के लिए व्यवसाय की प्रक्रिया आसान करने, उन्हें सस्ती दर पर आसानी से कर्ज मुहैया कराने और छोटे निर्यातकों के लिए इंश्योरेंस प्रीमियम की दरें कम करने की घोषणा की है। साथ ही सरकार ने एक ऑनलाइन पोर्टल लांच किया है जिस पर जाकर कोई भी निर्यातक अपने उत्पाद के लिए सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन ले सकेगा। इसके लिए उन्हें अब अलग-अलग दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा। 

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इन फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि 80 करोड़ रुपये से कम कर्ज सीमा वाले निर्यातकों के लिए इंश्योरेंस प्रीमियम की दर घटकर 0.6 प्रतिशत हो जाएगी। फिलहाल यह दर 0.72 प्रतिशत है। उनका मंत्रालय जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए इस आशय का प्रस्ताव भेजेगा। इसी तरह 80 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज सीमा वाले निर्यातकों के लिए प्रीमियम की दर 0.72 प्रतिशत होगी।

उन्होंने कहा कि 80 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज सीमा वाले निर्यातकों को दो श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा। पहली श्रेणी- जेम्स, ज्वैलरी और डायमंड की होगी जबकि दूसरी अन्य उत्पादों की होगी। गोयल ने कहा कि एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन ने नई योजना निरविक (निर्यात ऋण विकास योजना) शुरू की है। इससे बैंकों को निर्यातकों को अधिक धनराशि उधार देने में आसानी रहेगी। उन्होंने कहा कि एक्सपोर्ट क्रेडिट इंश्योरेंस स्कीम के तहत बीमा कवर की सीमा मूलधन और ब्याज मिलाकर 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 90 प्रतिशत कर दी गई है।

इस योजना के तहत क्लेम के 30 दिन के भीतर ही 50 प्रतिशत भुगतान हो जाएगा। निरविक योजना पर सरकार हर साल लगभग 1700 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस योजना पर साल में तकरीबन 8500 करोड़ रुपये खर्च आएगा। गोयल ने यह भी बताया कि निर्यातकों को 7.6 प्रतिशत की दर पर लोन मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा में कर्ज भी निर्यातकों को लगभग चार प्रतिशत की दर पर उपलब्ध होगा।

निर्यातकों को लिबोर (लंदन इंटरबैंक ऑफर्ड रेट) से 1.50 प्रतिशत अंक अधिक पर विदेशी मुद्रा में कर्ज मिल सकेगा। फिलहाल लिबोर की दर दो प्रतिशत है। इस तरह विदेशी मुद्रा में निर्यात कर्ज चार प्रतिशत पर उपलब्ध हो सकेगा।गोयल ने इस मौके पर कॉमन डिजिटल प्लेटफॉर्म फॉर सर्टिफिकेट ऑफ ऑरिजन भी लांच किया। इस पोर्टल पर निर्यातक अपने उत्पाद के लिए ऑरिजन सर्टिफिकेट ले सकेंगे। फिलहाल यह सर्टिफिकेट लेने के लिए उन्हें मशक्कत करनी पड़ती है। गोयल ने एसएमई के लिए आइपीआर फीस में भारी कमी करने की घोषणा भी की।

Posted By: Pawan Jayaswal

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