2 जून की रोटी से पहले आई गुड न्यूज: GST से भर गया भारत सरकार का खजाना, पूरी रिपोर्ट
मई में जीएसटी संग्रह 1.94 लाख करोड़ रुपये रहा, जो अप्रैल के 2.43 लाख करोड़ रुपये से कम है, लेकिन ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण ब्यूरो, राजीव कुमार। मई के जीएसटी संग्रह का उत्साहजनक प्रदर्शन नहीं रहा। इस साल मई में जीएसटी का कुल संग्रह 1,94,184 करोड़ रहा। अप्रैल माह में जीएसटी 2.43 लाख करोड़ का संग्रह हुआ था। जीएसटी संग्रह पूरी तरह से वस्तुओं की बिक्री पर निर्भर करता है जो यह दर्शाता है कि वस्तुओं की बिक्री मई माह में अप्रैल की तुलना में प्रभावित हुई है। हालांकि वित्त मंत्रालय का दावा है कि पिछले साल सितंबर माह में जिन वस्तुओं की जीएसटी दरों में कटौती की गई, उनकी बिक्री में दहाई अंक में इजाफा हुआ है।
इस साल मई में जीएसटी संग्रह में घरेलू बिक्री से मिलने वाला जीएसटी आयात से मिलने वाले जीएसटी से कम रहा। 1.94 लाख करोड़ के जीएसटी में सीजीएसटी 37,397 करोड़, एसजीएसटी 45,143 करोड़ तो आईजीएसटी 1,11,644 करोड़ रहा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मई में रिफंड के बाद जीएसटी का शुद्ध संग्रह 1,66,904 करोड़ का रहा जो पिछले साल मई के शुद्ध संग्रह की तुलना में 3.3 प्रतिशत अधिक है।
राज्यों से कितना जुड़ा GST
राज्यों की तरफ से वसूल जाने वाले जीएसटी पिछले साल मई की तुलना में कम रहे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस साल मई में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु जैसे राज्यों के जीएसटी राजस्व में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में गिरावट दर्ज की गई।
बड़े राज्यों में सबसे अधिक उत्तर प्रदेश के जीएसटी संग्रह में 13 प्रतिशत, मध्य प्रदेश और गुजरात में एक-एक प्रतिशत, हरियाणा में आठ प्रतिशत तो कर्नाटक में एक प्रतिशत का इजाफा रहा। महाराष्ट्र व झारखंड में मई में जीएसटी राजस्व में शून्य बढ़ोतरी रही।
दिल्ली में जीएसटी संग्रह के राजस्व में 17 प्रतिशत, पंजाब में पांच प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 27 प्रतिशत, बिहार में सात प्रतिशत, असम में 13 प्रतिशत, उत्तराखंड में 19 प्रतिशत, तमिलनाडु में 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
यह भी पढ़ें- भारत-अमेरिका ट्रेड महाडील, 99% बातचीत पूरी, कल से शुरू हो रहे अंतिम दौर में इन बड़े फैसलों पर नजर
