भारत-अमेरिका ट्रेड महाडील, 99% बातचीत पूरी, कल से शुरू हो रहे अंतिम दौर में इन बड़े फैसलों पर नजर
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की तैयारी 99% पूरी हो चुकी है, जिसका आखिरी दौर कल से शुरू हो रहा है।

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की तैयारी 99% पूरी हो चुकी है। (फाइल फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement - BTA) को अंतिम रूप देने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सरकारी सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों देशों के बीच लगभग 99 प्रतिशत वार्ता पूरी हो चुकी है। अब केवल कुछ शेष मुद्दों और तकनीकी विवरणों को सुलझाना बाकी है, जिसके लिए कल से बातचीत का आखिरी दौर शुरू हो रहा है। इसके तुरंत बाद समझौते के पहले चरण की औपचारिक घोषणा होने की उम्मीद है।
भारत-अमेरिका महाडील और भारतीय निर्यातकों को इससे क्या फायदा?
इस व्यापक व्यापार समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों महाशक्तियों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाना है। इस समझौते के लागू होने के बाद, अमेरिकी बाजार में भारतीय निर्यातकों को अपने वैश्विक प्रतिस्पर्धियों की तुलना में प्राथमिकता के आधार पर पहुंच मिलेगी। इससे भारतीय सामानों की मांग अमेरिकी बाजारों में बढ़ेगी और भारत के निर्यात सेक्टर को भारी मजबूती मिलेगी।
किन प्रमुख मुद्दों पर टिकी हैं सबकी निगाहें?
2 से 4 जून तक चलने वाली इस उच्च स्तरीय वार्ता में दोनों देशों की टीमें तकनीकी विवरणों को सुलझाने और कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने पर ध्यान केंद्रित करेंगी। इस व्यापक बीटीए (BTA) ढांचे के अंतर्गत मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
1. दोनों देशों के उत्पादों के लिए एक-दूसरे के बाजारों को अधिक सुलभ बनाना।
2. व्यापार के रास्ते में आने वाली प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों को दूर करना।
3. कस्टम क्लियरेंस की प्रक्रियाओं को सरल और तेज बनाना ताकि व्यापार सुगम हो सके।
4. दोनों देशों के बीच सुरक्षित निवेश और मजबूत आर्थिक सहयोग का माहौल तैयार करना।
कब होंगे हस्ताक्षर?
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, बचे हुए मुद्दों पर पूरी स्पष्टता आने के बाद अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जैमीसन ग्रीर भारतीय वाणिज्य मंत्री से मुलाकात कर सकते हैं।
"हम बहुत जल्द अमेरिका के साथ पहले बीटीए पर हस्ताक्षर की घोषणा करेंगे और इसके तुरंत बाद दूसरे चरण पर अपनी बातचीत जारी रखेंगे।"- पीयूष गोयल, वाणिज्य और उद्योग मंत्री
इस अंतिम दौर की वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वहां के मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं, जबकि भारतीय टीम की कमान वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन के हाथों में है।
अमेरिकी कानून की धारा 301 की जांच भी इस बातचीत का हिस्सा
इस बातचीत में अमेरिकी व्यापार कानून की धारा 301 (Section 301) के तहत लगाए गए टैरिफ और इसके अंतर्गत चल रही जांच पर भी चर्चा होने की पूरी संभावना है। दरअसल, अमेरिका की धारा 301 के तहत चल रही इस जांच के दायरे में भारत और चीन सहित दुनिया की लगभग 60 अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या इन देशों की नीतियां या प्रथाएं (जैसे जबरन श्रम से उत्पादित वस्तुओं के आयात पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने में विफलता) अनुचित या भेदभावपूर्ण हैं और क्या वे अमेरिकी व्यापार पर किसी तरह का बोझ डालती हैं। भारत इस महाडील के जरिए इन तकनीकी चिंताओं को सुलझाने और अपने व्यापारिक हितों को सुरक्षित करने का प्रयास करेगा।
