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गोदरेज इंडस्ट्रीज की दो कंपनियों का आएगा IPO, गोल्ड लोन में एंट्री; भावी चेयरमैन ने बता दिया 5 साल का प्लान

Published: Fri, 24 Apr 2026 05:57 PM (IST)

गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप के चेयरमैन डेजिग्नेट पिरोजशा गोदरेज ने अगले पांच साल के लिए महत्वाकांक्षी योजनाएं बताई हैं, जिसमें मार्केट ...और पढ़ें

गोदरेज का 5 साल का मास्टर प्लान: दो IPO, गोल्ड लोन में एंट्री और 5 लाख करोड़ का लक्ष्य

गोदरेज का 5 साल का मास्टर प्लान: दो IPO, गोल्ड लोन में एंट्री और 5 लाख करोड़ का लक्ष्य

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संक्षेप में पढ़ें

गोदरेज ग्रुप की रिस्ट्रक्चरिंग के ठीक दो साल बाद गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप ने अपनी नई ब्रांडिंग लांच कर दी है। 129 साल की लीगेसी, लेकिन कुल जमा दो साल की उम्र वाले इस समूह की कमान चेयरमैन डेजिग्नेट पिरोजशा गोदरेज के हाथों में है। महज 45 वर्ष की उम्र में इस बड़े उद्योग घराने के मुखिया बने पिरोजशा ने अगले पांच साल में ग्रुप का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ करने और दो नई कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट कराने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। जागरण बिजनेस के संपादक स्कन्द विवेक धर ने पिरोजशा गोदरेज से बिजनेस को लेकर उनकी योजनाओं, चुनौतियों और विजन को लेकर विशेष बातचीत की।  

आपने अगले पांच साल में 5 लाख करोड़ रुपए के मार्केट कैपिटलाइजेशन का लक्ष्य बनाया है, जो वर्तमान एमकैप के दोगुने से अधिक है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए क्या आप किसी नए बिजनेस या सेक्टर में प्रवेश करने की योजना बना रहे हैं?

अलग-अलग बिजनेस स्तर पर हम लगातार नए वेंचर की संभावनाएं तलाशते रहते हैं। उदाहरण के तौर पर, एफएमसीजी में हमने पेट केयर बिजनेस शुरू किया है। वहीं, वेंचर्स के तहत फिल्म स्टूडियो और मैनेज्ड ऑफिस स्पेस जैसे नए कारोबार शुरू किए हैं।

लेकिन ग्रुप स्तर पर हमारी प्राथमिकता फिलहाल हमारी छह मौजूदा कारोबारों की पूरी क्षमता को हासिल करने पर है। इसमें कुछ अनलिस्टेड कंपनियों को सूचीबद्ध करना और लिस्टेड कंपनियों के प्रदर्शन को और मजबूत बनाना शामिल है। इसके बाद हम नए अवसरों पर विचार करेंगे।

आपने दो कंपनियों को लिस्ट करने का ऐलान किया है। वो दो कंपनियां कौन सी होंगी?

हमारी तीन अनलिस्टेड कंपनियों के 2031 तक सूचीबद्ध होने की योजना है। लेकिन, इनमें फाइनेंशियल सर्विसेज और केमिकल्स बिजनेस पहले लिस्ट हो सकते हैं।

आपने गोदरेज कैपिटल को ग्रुप के लिए ग्रोथ ड्राइवर बताया है। क्या इस बिजनेस में आप और विस्तार करने जा रहे हैं?

हमारी फाइनेंशियल सर्विसेज फिलहाल एनबीएफसी और हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के जरिए लेंडिंग पर केंद्रित है। आगे हम गोल्ड लोन और पर्सनल लोन जैसे नए प्रोडक्ट्स शुरू करने की योजना बना रहे हैं। इसके साथ ही भौगोलिक विस्तार और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को भी बढ़ाया जाएगा। भविष्य में अन्य एसेट क्लास में भी प्रवेश की संभावना है, हालांकि अभी कुछ घोषित करना जल्दबाजी होगी।

आपका मौजूदा एयूएम कितना है और लक्ष्य क्या है?

पिछले वित्त वर्ष के अंत तक हमारा एयूएम लगभग 27,000 करोड़ रुपये था। अगले पांच वर्षों में इसे बढ़ाकर 1 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है।

अनलिस्टेड कंपनियों में पूंजी निवेश को लेकर क्या योजना है?

अगले पांच वर्षों में इन कारोबारों के लिए करीब 5,000 से 7,000 करोड़ रुपये की पूंजी की आवश्यकता होगी। इसका कुछ हिस्सा ग्रुप देगा, जबकि कुछ पूंजी बिजनेस स्तर पर जुटाई जाएगी। लिस्टेड कंपनियां अपनी जरूरत के मुताबिक खुद पूंजी जुटाएंगी।

गोदरेज ग्रुप की अपनी ट्रस्ट की एक लीगेसी है, लेकिन आज के दौर में कई कंपनियां आक्रामक तरीके से मुनाफा कमाने पर फोकस कर रही हैं, और सफल भी हैं। क्या आपको लगता है कि आपकी विरासत आपके लिए चुनौती बन रही है, या इसे आप एक एसेट मानते हैं?

हम अपनी विरासत को एक बड़ी ताकत मानते हैं। हो सकता है कि अल्पकाल में कुछ चुनौतियां हों, लेकिन हमारा मानना है कि कारोबार एक लंबी दौड़ है। ट्रस्ट हमारे लिए सबसे बड़ा एसेट है, जो ग्राहकों को जोड़ने और बनाए रखने में मदद करता है। इसलिए हम इसे अपनी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं।

गोदरेज इंडस्ट्रीज के भावी चेयरमैन के रूप में आप एक बड़ी जिम्मेदारी उठाने जा रहे हैं। एक लीडर के तौर पर आपकी प्राथमिकताएं और विजन क्या है?

मैं लंबे समय से ग्रुप लीडरशिप का हिस्सा रहा हूं, इसलिए यह भूमिका मेरे लिए नई नहीं है। पिछले पांच वर्षों में हमने 20% से अधिक की सालाना ग्रोथ दर्ज की है। आगे हमारा फोकस आरओई जैसे प्रदर्शन संकेतकों को मजबूत करने और हर बिजनेस को अपने सेक्टर में शीर्ष प्रदर्शनकर्ता बनाने पर होगा।

क्या आप डिफेंस या अन्य उभरते सेक्टर में प्रवेश की योजना बना रहे हैं?

हमारी रणनीति मौजूदा कारोबारों को ही आधुनिक और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन बनाना है। उदाहरण के लिए फाइनेंशियल सर्विसेज में एआई और डिजिटल टेक्नोलॉजी पर हम काफी जोर दे रहे हैं, जबकि रियल एस्टेट में नई निर्माण तकनीकों पर काम हो रहा है। उभरते सेक्टर्स में मौके तो हैं, लेकिन साथ में जोखिम भी है। हम नए सेक्टर में प्रवेश करने के बारे में सोच सकते हैं, लेकिन फिलहाल हमारा फोकस मौजूदा अवसरों पर है।

वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच एफएमसीजी सेक्टर का आउटलुक कैसा है?

वैश्विक दबावों के बावजूद एफएमसीजी सेक्टर का प्रदर्शन मजबूत रहा है। नए प्रोडक्ट कैटेगरी जैसे लिक्विड डिटर्जेंट और फेस वॉश तेजी से बढ़ रहे हैं, जो भविष्य में ग्रोथ को और गति देंगे।

मिडिल ईस्ट के हालात का क्या असर दिख रहा है?

इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि स्थिति कितनी लंबी चलती है। अगर जल्दी समाधान हो जाता है, तो असर सीमित रहेगा, लेकिन लंबा खिंचने पर असर बढ़ सकता है।

रुपये में गिरावट का क्या प्रभाव पड़ रहा है? क्या इससे इनपुट कॉस्ट बढ़ रही है?

इससे इंपोर्ट महंगा होता है, लेकिन एक्सपोर्ट को फायदा भी मिलता है। इसलिए इनपुट कॉस्ट बड़ी चिंता नहीं है। मेरी बड़ी चिंता यह है कि करेंसी में अस्थिरता विदेशी निवेश को प्रभावित कर सकती है। और देश इस समय जिस मुकाम पर है, हमें ग्रोथ के लिए विदेशी पूंजी की बहुत ज्यादा जरूरत है।

रियल एस्टेट बिजनेस कैसा कर रहा है?

एनसीआर हमारा सबसे मजबूत बाजार रहा है। पिछले तीन वर्षों में यहां करीब 28,000 करोड़ रुपये की बिक्री हुई है। नोएडा में मजबूत एंड-यूजर डिमांड है और हम यहां आगे विस्तार की योजना बना रहे हैं। दक्षिण भारत इस साल हमारा सबसे मजबूत क्षेत्र रहा। बेंगलुरु और हैदराबाद ने शानदार प्रदर्शन किया। हैदराबाद में पहले ही साल हमने 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री की, जो काफी उत्साहजनक है।

आईटी सेक्टर में संभावित छंटनी का रियल एस्टेट पर क्या असर होगा?

अभी इस पर स्पष्ट रूप से कुछ कहना जल्दबाजी होगी। आमतौर पर नई तकनीकें शुरुआती दौर में अनिश्चितता लाती हैं, लेकिन बाद में नए अवसर भी पैदा करती हैं। शॉर्ट टर्म में ऑफिस स्पेस पर असर पड़ सकता है, लेकिन लंबी अवधि का परिदृश्य अभी स्पष्ट नहीं है।