नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। विपक्ष चाहे जितना भी आरोप लगाये लेकिन सरकार का साफ मानना है कि देश की अर्थव्यवस्था की मौजूदा मंदी वैश्विक हालातों से उत्पन्न हुई है। लोकसभा में एक प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि सिर्फ भारत ही मंदी का ही सामना नहीं कर रहा है बल्कि पूरी दुनिया में मंदी है। वैश्विक विकास दर 3.6 फीसद से घट कर 2.9 फीसद आ गई है। ऐसे में भारत की विकास दर 5 फीसद पर आ गई है। लेकिन सरकार इसकी रफ्तार बढ़ाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है।

कारपोरेट टैक्स घटाने, ढांचागत क्षेत्र में नये निवेश जैसे जो फैसले किये गये हैं उसका असर जल्द दिखने लगेगा।अनुराग ठाकुर ने परोक्ष तौर पर विपक्ष के इस दावे को भी खारिज किया है कि यह मंदी संस्थागत वजहों से आई है। उन्होंने एनबीएफसी के भी किसी बड़े संकट में होने की बात स्वीकार नहीं की और कहा कि इस सेक्टर को पर्याप्त फंड उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने कहा कि यह चक्रीय मंदी यानी तेजी के बाद सामान्य तौर पर आने वाली मंदी है। देश की अर्थव्यवस्था के बुनियादी तत्व बेहद मजबूत हैं। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रो कोष ने भी वर्ष 2020 में आर्थिक विकास दर के 5.8 फीसद होने का अनुमान जताया है।

वर्ष 2014-15 से वर्ष 2018-19 के दौरान औसतन 7.4 फीसद की विकास दर से पता चलता है कि हम लगातार तेज विकास दर हासिल करने में सक्षम है। आइएमएफ समेत तमाम एजेंसियों की रिपोर्ट बताती है कि र्व 2020-21 से विकास दर फिर से तेज होने लगेगी।

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