सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हूतियों के मिडिल ईस्ट संघर्ष में शामिल होने से तेल कीमतों में उछाल, 115 डॉलर के पार पहुंचे रेट; अब आगे क्या?

Published: Mon, 30 Mar 2026 08:33 AM (IST)

वैश्विक तेल कीमतों में भारी उछाल आया है, क्योंकि यमन के हूतियों ने मध्य-पूर्व संघर्ष में शामिल होने की घोषणा ...और पढ़ें

तेल की कीमतों में जोरदार बढ़ोतरी

तेल की कीमतों में जोरदार बढ़ोतरी

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

नई दिल्ली। सोमवार को ग्लोबल ऑयल की कीमतों में तेज उछाल आया, क्योंकि यमन के ईरान-समर्थित हूतियों ने मध्य-पूर्व संघर्ष में शामिल होने का एलान कर दिया है। हूतियो के एलान के साथ ही अमेरिकी सैन्य मौजूदगी के विस्तार से एनर्जी सप्लाई में और ज्यादा अड़चन की आशंका बढ़ गई है। सुबह 8 बजे इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड सवा 3% बढ़कर 116.18 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। इससे पहले यह कुछ समय के लिए 116.75 डॉलर के उच्च स्तर तक भी पहुँच गया था।
वहीं, अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 2.88% उछलकर 102.50 डॉलर पर पहुँच गया और युद्ध के लंबे समय तक चलने और इसके और फैलने की आशंका के बीच क्रूड के दामों और तेजी देखने को मिली।

और बढ़ सकते हैं तेल के दाम?

तेल की कीमतों में यह ताजा उछाल बीते वीकेंड पर हूथी बलों द्वारा इजराइल को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल हमलों के बाद आया है। इस समूह ने चेतावनी दी है कि जब तक ईरान और उसके सहयोगी मिलिशिया पर हमले बंद नहीं हो जाते, तब तक वह अपने हमले जारी रखेगा।
हूथियों के इस संघर्ष में शामिल होने के बाद वैश्विक तेल बाजार के सामने नया जोखिम खड़ा हो गया है, जो पहले से ही हफ्तों से चल रहे संघर्ष के कारण दबाव में हैं।

क्यों बढ़ रही है चिंता?

जानकारों के अनुसार, शिपिंग रूट को बाधित करने का हूतियों का पिछला रिकॉर्ड खास तौर से चिंताजनक है। इस समूह ने पहले भी जहाजों को लाल सागर से गुजरने से रोक दिया था। अब नए सिरे से दी जा रही धमकियाँ एक महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारे (बाब अल-मंदेब) को फिर से रोक सकती हैं।

सऊदी अरब के लिए टेंशन

लाल सागर में सऊदी अरब का निर्यात केंद्र यानबू भी है। हूतियों के संघर्ष में शामिल होने से चिंता बढ़ गई है, क्योंकि वे इस केंद्र को निशाना बना सकते हैं। ये केंद्र हूती विद्रोहियों की मिसाइल क्षमता की सीमा में आता है। वहाँ किसी भी तरह की रुकावट से तेल की सप्लाई और बाधित हो सकती है।

ये भी पढ़ें - Stock Market Outlook: फिसलेगा शेयर बाजार? गिफ्ट निफ्टी में भारी गिरावट; एनटीपीसी, कोल इंडिया समेत इन स्टॉक्स पर रखें नजर