नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। एशियाई विकास बैंक (ADB) ने चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि के अनुमान को घटाकर 5.1 फीसद कर दिया है। बैंक ने कहा है कि जॉब के अवसरों में धीमी वृद्धि और फसल खराब होने से गांवों की अर्थव्यवस्था प्रभावित होने से खपत पर बहुत असर पड़ा है। इससे पहले सितंबर में Asian Development Bank ने वित्त वर्ष 2019-20 में देश की जीडीपी के 6.5 फीसद की दर से बढ़ने का अनुमान जताया था। बैंक ने अनुमान जताया था कि वित्त वर्ष 2020-21 में देश की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार 7.2 फीसद रहेगी।    

ADB ने कहा है कि 2018 में एक प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी के लुढ़कने एवं नकदी की कमी के कारण पैदा हुई स्थिति की वजह से वित्त वर्ष 2019-20 में भारत की जीडीपी वृद्धि की रफ्तार 5.1 फीसद रहने की संभावना है। उसने कहा है, ''नौकरियों के अवसर में वृद्धि की रफ्तार धीमी रहने और खराब फसल की वजह से ग्रामीण क्षेत्र पर दबाव बढ़ने से भी खपत प्रभावित हुई है।''

एशियाई विकास बैंक ने कहा है कि अनुकूल नीतियों की वजह से वृद्धि दर की रफ्तार के अगले वित्त वर्ष में 6.5 फीसद पर रहने की संभावना है। इससे पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने पिछले सप्ताह अपनी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक में भारत की जीडीपी वृद्धि के अनुमान को 6.1 फीसद से घटाकर पांच फीसद कर दिया था। केंद्रीय बैंक ने इसके लिए कमजोर घरेलू मांग को जिम्मेदार ठहराया था। 

इसी तरह International Monetary Fund (IMF) ने भी भारत की जीडीपी वृद्धि के अनुमान को सात फीसद से घटाकर 6.1 फीसद कर दिया है। विश्व बैंक ने भी चालू वित्त में वृद्धि दर के छह फीसद के आसपास रहने का अनुमान जताया है। 

ADB ने भारत के साथ दक्षिण एशिया के लिए वृद्धि दर के अनुमान को 6.2 फीसद से घटाकर 5.1 फीसद कर दिया है। एशियाई विकास बैंक ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में भारत की वृद्धि घटकर 4.8 फीसद रह गई। उसने इसके लिए निजी खपत में कमी और निवेश में कमी को कारण बताया है। 

Posted By: Ankit Kumar

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस