गौतम अदाणी ने फिर जीती बाजी, अब ओडिशा के पारादीप पोर्ट के लिए मिला LOI; 671 MMTPA तक पहुंच जाएगा पोर्टफोलियो
अदाणी पोर्ट्स को ओडिशा के पारादीप पोर्ट पर दो ड्राई बल्क बर्थ विकसित करने का LOA मिला है, जिससे उसकी ...और पढ़ें

पारादीप पोर्ट पर अदाणी को दो बर्थ का LOA मिला।
HighLights
पारादीप पोर्ट पर अदाणी को दो बर्थ का LOA मिला।
क्षमता 18 MMT बढ़कर कुल 671 MMTPA तक पहुंचेगी।
पूर्वी तट पर अदाणी पोर्ट्स की मौजूदगी हुई मजबूत।
आईएनएस, नई दिल्ली। अदाणी पोर्ट्स ने बुधवार को कहा कि उसे ओडिशा के पारादीप पोर्ट पर दो ड्राई बल्क बर्थ्स को विकसित और परिचालन करने के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड (एलओए) मिला है। इससे अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) की क्षमता 18 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) बढ़ जाएगी और कुल पोर्टफोलियो का आकार 671 एमएमटीपीए (MMTPA) तक पहुंच जाएगा।
इससे गौतम अदाणी की कंपनी को 2030 तक 1 बिलियन टन कार्गो तक पहुंचने के उसके लक्ष्य में मदद मिलेगी। इस प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। इसमें 30 साल तक कंपनी के पास परिचालन का अधिकार होगा।
APSEZ सबसे बड़ी बोलीदाता
सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी के तौर पर सामने आई APSEZ ने कहा कि वह "सीक्यू-I और सीक्यू-II बर्थ" को अत्याधुनिक मशीनीकृत कार्गो हैंडलिंग सिस्टम, गहरे ड्राफ्ट वाले बर्थ और बड़े पैमाने पर स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ विकसित करेगी।
एपीएसईजेड के होल-टाइम डायरेक्टर और सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा, "पारादीप कंसेशन से पूर्वी तट पर एपीएसईजेड की मौजूदगी मजबूत होगी और भारत के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक और खनिज-समृद्ध इलाकों तक हमारी पहुंच बढ़ेगी।"
गुप्ता ने आगे कहा कि पारादीप के साथ, भारत के 11,000 किलोमीटर लंबे तट पर एपीएसईजेड का नेटवर्क 16 बंदरगाहों और टर्मिनलों तक फैल गया है। इससे देश के सबसे व्यापक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म के जरिए इंटीग्रेटेड पोर्ट, लॉजिस्टिक्स और मरीन समाधान देने की हमारी क्षमता और मजबूत होगी। क्षमता में यह बढ़ोतरी कार्गो की बढ़ती मांग के बीच भारत के पूर्वी तट के बंदरगाहों पर होने वाले भारी इस्तेमाल की जरूरतों को पूरा करेगी।
16 बंदरगाहों पर अदाणी का राज
अदाणी रणनीतिक रूप से स्थित 16 बंदरगाहों और टर्मिनलों का एक पूरा इकोसिस्टम चलाती है। इसके साथ ही, इसके पास 136 जहाजों का विविध मरीन फ्लीट, 12 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और 31 लाख वर्ग फुट के गोदामों सहित इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स क्षमताएं हैं, और इसके अपने प्लेटफॉर्म पर 25,000 से ज्यादा ट्रक चलते हैं।
अदाणी पोर्ट्स भारत के कुल पोर्ट वॉल्यूम का लगभग 27 प्रतिशत संभालती है। खनिजों से भरपूर अंदरूनी इलाके में और बड़े स्टील प्लांट के बीच स्थित पारादीप, भारत का दूसरा सबसे बड़ा प्रमुख बंदरगाह और बल्क कार्गो के लिए एक अहम गेटवे है।
पारादीप टर्मिनल कोयले, चूना पत्थर और अन्य सूखे बल्क सामानों की बढ़ती मात्रा को संभालने की एपीएसईजेड की क्षमता को बढ़ाएगा, साथ ही पूर्वी और मध्य भारत में मुख्य औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तक अपनी पहुंच का विस्तार करेगा।
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