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Ganga Expressway बनेगा UP का 'ग्रोथ इंजन', ₹1 लाख करोड़ बढ़ेगी GDP; 3 लाख युवाओं को नौकरी!

Published: Wed, 29 Apr 2026 05:06 PM (IST)

प्रधानमंत्री मोदी ने 36,230 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बने Ganga Expressway का उद्घाटन किया, जो उत्तर प्रदेश की ...और पढ़ें

Ganga Expressway बनेगा UP का ग्रोथ इंजन। प्रतीकात्मक तस्वीर

Ganga Expressway बनेगा UP का ग्रोथ इंजन। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बना गंगा एक्सप्रेसवे।

  2. उत्तर प्रदेश की जीडीपी में 1 लाख करोड़ रुपये का इजाफा।

  3. एक्सप्रेसवे से लगभग 3 लाख नए रोजगार के अवसर।

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश को उसका सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे मिल गया है। पीएम मोदी ने बुधवार 29 अप्रैल को Ganga Expressway का उद्घाटन किया। लगभग 36,230 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार हुए गंगा एक्सप्रेसवे से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बूस्ट मिलेगा। यह एक्सप्रेस पश्चिमी, मध्य और पूर्वी UP को जोड़ने का काम करेगा।

Ganga एक्सप्रेसवे 12 जिलों से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगा। ऐसा करने पर, यह अपने मार्ग पर पड़ने वाले 500 से अधिक गांवों को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। इसकी कनेक्टिविटी 21 इंटरचेंज से और भी मजबूत हो जाती है, जो इस कॉरिडोर को मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य सड़कों से जोड़ते हैं।

UP की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर है Ganga Expressway

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। इस परियोजना से यात्रा का समय कम होने, कनेक्टिविटी बेहतर होने तथा पूरे राज्य में व्यवसायों और रियल एस्टेट के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद है। रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। उत्तर प्रदेश की जीडीपी मजबूत होगी। आइए समझते हैं कि गंगा एक्सप्रेसवे से से उत्तर प्रदेश की इकॉनमी पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

UP की जीडीपी को मिलेगा बूस्ट

गंगा एक्सप्रेसवे से उत्तर प्रदेश की जीडीपी को बूस्ट मिलेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार Ganga Expressway के चलते UP की GDP में 1 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हो सकता है। उत्तर प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 10.8% की CAGR से बढ़ा है, जो ₹13.30 लाख करोड़ (2016-17) से बढ़कर ₹30.25 लाख करोड़ (2024-25) हो गया है, और 2025-26 में इसके ₹36 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। गंगा एक्सप्रेसवे से इसको मजबूती मिलेगी। इससे उत्तर प्रदेश की GDP में 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का योगदान मिल सकता है।

25 से 30 लाख करोड़ की लॉजिस्टिक्स बचत और 3 लाख नौकरियां

गंगा एक्सप्रेसवे से लॉजिस्टिक्स की क्षमता में काफी सुधार होने, सामान लाने-ले जाने में लगने वाला समय कम होने और सप्लाई चेन में लागत घटने की उम्मीद है। राज्य सरकार के अनुमानों के अनुसार, इससे हर साल लॉजिस्टिक्स में 25,000-30,000 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है। 

गंगा एक्सप्रेसवे की वजह से अगले दस सालों में लगभग तीन लाख नौकरियां पैदा हो सकती हैं। ये 3 लाख नौकरियां रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और रखरखाव के जरिए पैदा की जाएंगी, जिन्हें इस मार्ग पर स्थित 12 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (IMLCs) से बढ़ावा मिलेगा।

यह परियोजना भारत की लॉजिस्टिक्स लागत को एक अंक तक कम करने, माल ढुलाई की गति को बेहतर बनाने और देश की प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। यह कॉरिडोर प्रमुख औद्योगिक क्लस्टरों, कृषि क्षेत्रों, रक्षा निर्माण केंद्रों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्कों को आपस में जोड़ता है, जिससे मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलता है।

औद्योगिक उत्पादन और जमीन की कीमत में बढ़ोतरी के जरिए राज्य के राजस्व को बढ़ावा मिलेगा।

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