नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशक (FPI) एक बार फिर से शुद्ध विक्रेता बना गए हैं। सितंबर में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 7600 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली की है। ये बिकवाली ऐसे समय पर की गई है, जब अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने पिछले हफ्ते ही ब्याज दर को बढ़ाया गया है और डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में गिरावट देखने को मिल रही है।

डिपाजिटरीज की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दो महीने से विदेशी निवेशक भारतीय बाजारों में लगातार निवेश कर रहे थे, लेकिन सितंबर में विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार में कुल 7,624 करोड़ रुपये की बिकवाली की है। इसके मुकाबले विदेशी निवेशकों की ओर से अगस्त में 51,200 करोड़ रुपये और जुलाई में 5,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया था। बता दें, इससे पहले विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में लगातार 9 महीने बिकवाली की थी, जो कि अक्टूबर 2021 में शुरू हुई थी।

1.68 लाख करोड़ निकाले

जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs), इस साल की शुरुआत से अब तक भारतीय शेयर बाजार में 1.68 लाख करोड़ों रुपए की बिकवाली कर चुके हैं। जानकारों का मानना है कि वैश्विक अस्थिरता के चलते विदेशी निवेशकों से आने वाले निवेश में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

विकासशील देशों में बिकवाली कर रहे विदेशी निवेशक

भारत ही नहीं विदेशी निवेशकों ने फिलीपींस, साउथ कोरिया, ताइवान और थाईलैंड के बाजारों में भी बिकवाली की है। इस दौरान केवल इंडोनेशिया के बाजारों में ही एफपीआइ का पॉजिटिव इनफ्लो देखने को मिला है।

ये भी पढ़ें-

Petrol Diesel Price Today: तेल कंपनियों ने जारी किए पेट्रोल- डीजल के नए दाम, जानें अपने शहर के लेटेस्ट रेट्स

महंगाई के चलते बढ़ रही आपकी ईएमआई, भारत ही नहीं पूरी दुनिया के केंद्रीय बैंक बढ़ा रहे ब्याज दर

Edited By: Abhinav Shalya

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट