नई दिल्ली, पीटीआइ। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने अक्टूबर महीने में अब तक भारतीय पूंजी बाजार में 5,072 करोड़ रुपये का निवेश किया है। सितंबर में यह निवेश 6,557.8 करोड़ रुपये था। हालांकि, जुलाई और अगस्त में FPI ने बिकवाली की थी। एफपीआई ने एक से 18 अक्टूबर के बीच शेयरों में 4,970 करोड़ रुपये और बांड बाजार में 102 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया। इस तरह एफपीआई का शुद्ध निवेश 5,072 करोड़ रुपये रहा।

सैमको सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख उमेश मेहता ने कहा कि सरकार की ओर से महंगाई भत्ता बढ़ाने से, कॉरपोरेट कर में कमी, सरकारी बैंकों में पूंजी डालकर और रणनीतिक विनिवेश के जरिये घरेलू मांग को सुधारने के प्रयासों से FPI की धारणा बदली है। कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग के तकनीकी व डेरिवेटिव विश्लेषक अरुण मंत्री ने कहा कि ब्रेक्जिट तथा अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता को लेकर सकारात्मक संदेशों से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई है।

सितंबर महीने के अंत में कॉरपोरेट टैक्स में 10 फीसद कटौती 

गौरतलब है कि सरकार ने सितंबर महीने के अंत में कॉरपोरेट टैक्स में 10 फीसद कटौती का एलान किया था। साथ ही एफपीआई टैक्स अधिभार को भी खत्म कर दिया गया। इसके अलावा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने FPI के लिए अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी) नियम आसान बना दिए हैं, इससे वे प्रतिभूति बाजार से बाहर भी लेनदेन कर सकते हैं।

एफपीआई के भविष्य में निवेश को लेकर ग्रोव के सह-संस्थापक और सीओओ, हर्ष जैन ने कहा कि लंबी अवधि में निवेश जारी रहने की उम्मीद है क्योंकि भारत निवेश के लिहाज से आकर्षक देश है। बाजार को तेजी से फायदा हो रहा है और आने वाले तिमाही नतीजों में और बेहतरी की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ब्रेक्सिट सौदा अगर सफल होता है तो वैश्विक निवेशकों की भावनाओं को और अधिक बल मिलेगा और भारत में निवेश को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। 

Posted By: Nitesh

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