नई दिल्ली, पीटीआइ। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने इस महीने (जनवरी) अब तक भारतीय बाजारों में शुद्ध 3,117 करोड़ रुपये का निवेश करके तीन महीने की बिकवाली की स्थिति को बदल दिया। डिपॉजिटरीज के आंकड़ों से पता चलता है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 1 जनवरी से 14 जनवरी के दौरान इक्विटी में 1,857 करोड़ रुपये और हाइब्रिड इंस्ट्रूमेंट्स में 1,743 करोड़ रुपये का निवेश किया।

FPIs ने ऋण खंड से 482 करोड़ रुपये निकाले, जिससे कुल शुद्ध प्रवाह 3,117 करोड़ रुपये हो गया। इससे पहले, विदेशी निवेशक अक्टूबर 2021 से लगातार तीन महीनों तक भारतीय बाजारों में शुद्ध बिकवाली कर रहे थे। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, "आईटी कंपनियों के अच्छे नतीजों के बाद जनवरी में आईटी शेयरों में तेजी आई है। वित्तीय मामलों में भी यह दोहराया जा सकता है।"

मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर और मैनेजर रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव के अनुसार, FPIs ने वर्तमान में भारतीय इक्विटी के प्रति सतर्क रुख अपनाया है। ऋण खंड के लिए श्रीवास्तव ने कहा कि FPIs लंबे समय से भारतीय ऋण बाजारों में महत्वपूर्ण निवेश नहीं कर रहे हैं और यह प्रवृत्ति जारी है।

केंद्रीय बजट नजदीक आने के साथ, FPIs देश के पूंजी बाजारों में पर्याप्त निवेश करने से पहले आर्थिक विकास की दिशा में अपने रोडमैप के बारे में सरकार से अधिक स्पष्टता और दिशा हालिस करना चाहेंगे।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च (रिटेल) हेड श्रीकांत चौहान ने कहा कि जहां तक ​​भारतीय बाजार का संबंध है, आगामी केंद्रीय बजट और कमाई का सीजन निगरानी के लिए प्रमुख चीजें होंगी।

बता दें कि 31 जनवरी से संसद का बजट सत्र शुरू हो रहा है और हर साल की तरह इस साल भी एक फरवरी को वित्त मंत्री द्वारा केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। बाजार को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं।

Edited By: Lakshya Kumar