खाने की थाली तक पहुंची महंगाई की मार! टमाटर, तेल और चिकन की कीमतों में उछाल से वेज-नॉनेवज खाने की कीमत भी बढ़ी
देश में बढ़ती महंगाई के कारण खाने की थाली महंगी हो गई है, जिसमें टमाटर और ब्रॉयलर चिकन की कीमतों ...और पढ़ें

खाने की कीमत में उछाल
HighLights
टमाटर 31% और ब्रॉयलर चिकन 7% महंगा हुआ।
शाकाहारी थाली 5%, मांसाहारी थाली 6% सालाना महंगी हुई।
गर्मी, कम उत्पादन और परिवहन लागत ने दाम बढ़ाए।
नई दिल्ली| इन दिनों देश में महंगाई बढ़ती जा रही है। ईंधन से लेकर रसोई घर का खर्च तेजी से बढ़ा है। जून महीने में चीनी की कीमतों में उछाल के साथ वनस्पति तेल और सब्जियों की कीमत में भी बढ़ोतरी देखी गई है। अब इस महंगाई का असर सीधे-सीधे आपके खाने की थाली पर भी देखा जा रहा है। CRISIL Intelligence की रिपोर्ट के मुताबिक टमाटर और ब्रॉयलर मुर्गियों की कीमत बढ़ने से वेज और नॉनवेज दोनों थाली की कीमत भी बढ़ गई है।
कितने बढ़े टमाटर के दाम?
क्रिसिल इंटेलिजेंस की मासिक 'रोटी-राइस रेट' की रिपोर्ट के मुताबिक जून 2025 के मुकाबले जून 2026 में टमाटर की कीमतों में 31 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई (Price Hike)। जून 2025 में ₹32 प्रति किलोग्राम बिकने वाला टमाटर बढ़कर जून 2026 में ₹42 प्रति किलोग्राम हो गया। जिसका असर खाने की थाली में देखने को मिला है।
कितने बढ़े थाली के दाम?
टमाटर की कीमतों में महीने-दर-महीने करीब 17% की बढ़ोतरी देखी गई है, इसके साथ ही आलू की कीमत में 5 फीसदी और प्याज की कीमतों मे 8 फीसदी की वृद्धि हुई है जिससे थाली की लागत बढ़ गई। जून में घर पर बनी शाकाहारी (Veg) थाली की कीमत सालाना आधार पर 5% और मांसाहारी (Non-Veg) थाली की लागत सालाना आधार पर 6% बढ़ गई है। वहीं महीने के आधार पर जून में शाकाहारी थाली की लागत 4% और मांसाहारी थाली की लागत में 3% की बढ़ोतरी हुई है।
नॉनवेज थाली की कीमत बढ़ने की वजह
सब्जी और तेल की महंगाई के साथ ही ब्रॉयलर चिकन की कीमत भी बढ़ी है। नॉन-वेज थाली की कुल लागत में लगभग 50% हिस्सा चिकन का होता है। रिपोर्ट के मुताबिक ब्रॉयलर चिकन कीमतों में भी करीब 7% की बढ़ोतरी हुई है, जिससे नॉन-वेज थाली की लागत बढ़ी और कीमत में तेजी दखी गई है।
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क्यों बढ़े टमाटर और चिकन के दाम?
गर्मी बढ़ने से मुर्गियों की मृत्यु दर बढ़ी साथ ही वजन भी तेजी से नहीं बढ़ा और नए चूजों की संख्या कम हुई। इस वजह से सप्लाई प्रभावित हुई और कीमतों में तेजी देखी गई। टमाटर के साथ भी ऐसा ही हाल है। अधिक तापमान और प्री मानसून की बारिश में कमी के कारण भी पैदावार में गिरावट आई है। इन सब के साथ ही पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से ट्रांसपोर्टिंग कॉस्ट भी बढ़ी है, जो महंगाई का एक मुख्य कारण है।
