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पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर FM सीतारमण का बड़ा बयान, चुनौतियों के बीच इन 3 'F' पर फोकस करने की कही बात

Published: Mon, 25 May 2026 05:03 PM (GMT+05:30)Updated: Mon, 25 May 2026 05:52 PM (GMT+05:30)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाने से सरकारी खजाने को करीब 1 लाख करोड़ ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) कम करने से सरकारी खजाने को करीब 1 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का भारी नुकसान होगा। हाल ही में तेल की कीमतों में हुई लगातार बढ़ोतरी के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार यह बयान दिया है। जिसके बाद उनका यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने देश में बेवजह का डर और निराशा फैलाने वालों की तीखी आलोचना की और लोगों में भरोसा कायम करने पर जोर दिया।

अर्थव्यवस्था को लेकर क्या है वित्त मंत्री की '3 Fs' रणनीति?

भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) के 37वें स्थापना दिवस समारोह में बोलते हुए, वित्त मंत्री ने देश में एक निराशावादी नैरेटिव सेट करने वालों को आड़े हाथों लिया। मध्य पूर्व संकट के लगभग तीन महीने पूरे होने पर, उन्होंने '3 Fs' यानी ईंधन, फर्टिलाइजर और फॉरेक्स विदेशी मुद्रा पर फोकस करने को कहा है।

उन्होंने कहा कि उर्वरक की कीमतें अकल्पनीय स्तर पर पहुंच गई हैं और सोने की बढ़ती कीमतें बाहरी मोर्चे पर कुछ चुनौतियां पैदा कर रही हैं। इसके बावजूद, भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितता के बीच पूरी तरह से लचीली और मजबूत बनी हुई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि, "भारत बेवजह का डर फैलाना बर्दाश्त नहीं कर सकता। जो लोग यह जताने की कोशिश कर रहे हैं कि सब कुछ बर्बाद हो रहा है, वे गलत हैं। हमारी घरेलू आर्थिक स्थिति आज भी सकारात्मक है। हमें अपने शब्दों और अपने कामों से लोगों में आत्मविश्वास जगाना होगा।"

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार क्यों लग रही है आग?

पिछले 10 दिनों के भीतर ईंधन की कीमतों में यह चौथी बढ़ोतरी है। सोमवार को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया, जिससे आम आदमी के घर के बजट और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट पर गहरा असर पड़ा है।

state wise petrol price

हालांकि, हाल ही में सरकार ने अपनी फ्यूल ड्यूटी संरचना में संशोधन किया था, जिसमें पेट्रोल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया और डीजल पर इसे पूरी तरह से हटा दिया गया था। लेकिन, 28 फरवरी से मध्य पूर्व (Middle East Tension) में शुरू हुए संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बुरी तरह बाधित हुई है, जिसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर देखने को मिल रहा है।

state wise diesel price

MSME सेक्टर के फंसे हुए पैसों पर सरकार ने क्या चिंता जताई?

फ्यूल की कीमतों के अलावा, वित्त मंत्री ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) की ग्रोथ को लेकर भी एक बड़ी चिंता जाहिर की। उन्होंने बताया कि MSMEs का करीब 8.1 लाख करोड़ रुपये भुगतान में देरी के कारण फंसा हुआ है। इस देरी की वजह से इन छोटे उद्यमों का वर्किंग कैपिटल और उनका विकास बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) से सख्त अपील की है कि वे यह सुनिश्चित करें कि MSMEs का भुगतान तय 45-दिन की समय सीमा के भीतर हर हाल में कर दिया जाए।