नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार के समय के जीडीपी डेटा को संशोधित किए जाने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि सीएसओ (केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय) एक विश्वसनीय संगठन है और वह वित्त मंत्रालय से दूरी बनाकर रहती है।

नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार के साथ वित्त मंत्री जेटली ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि सीएसओ जैसी विश्वसनीय संस्था को बदनाम कर वह कोई सेवा कर रहे हैं।’

गौरतलब है कि सीएसओ के डेटा को संशोधित किए जाने के फैसले को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने ‘’बुरा मजाक’’ करार दिया था। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘नीति आयोग की तरफ से संशोधित जीडीपी डेटा मजाक है। यह एक बुरा मजाक है। चिदंबरम ने कहा, ‘वास्तव में यह खराब मजाक से भी बदतर है। आंकड़ें फेरबदल का नतीजा है।’

जेटली ने कहा कि जब सीएसओ ने 2012-13 और 2013-14 के आंकड़ों को संशोधित कर उसे बढ़ाया था तब तत्कालीन सरकार ने इसका स्वागत किया था। और जब सीएसओ ने उसी पैमाने का इस्तेमाल कर आंकड़ों को संशोधित करते हुए उसे कम किया तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने बुधवार को यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार के दस सालों के कार्यकाल के अधिकांश समय के जीडीपी ग्रोथ रेट को संशोधित कर दिया है। सरकार ने कहा है कि अर्थव्यवस्था के विकास की ज्यादा सटीक तस्वीर पेश करने के लिए आंकड़ों में फेरबदल किया गया है।

मुख्य सांख्यिकीविद प्रवीण श्रीवास्तव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वित्त वर्ष 2006-12 के दौरान जीडीपी ग्रोथ रेट को पिछली सीरिज के नए डेटा से संशोधित किया गया है।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक 2010-11 में अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट 8.5 फीसद रही, न कि 10.3 फीसद, जिसका पहले अऩुमान लगाया गया था।

Posted By: Nitesh

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