नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। केंद्र सरकार ने लॉकडाउन से जुड़े अपने दिशा-निर्देशों में रविवार को संशोधन किया। इसके बाद Flipkart, Amazon जैसी E-Commerce कंपनियां लॉकडाउन के दौरान गैर-जरूरी सामान की बिक्री नहीं कर पाएंगी। इससे पहले जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया था कि E-Commerce कंपनियां 20 अप्रैल से पूरी क्षमता के साथ परिचालन कर सकती हैं और यहां तक कि गैर-जरूरी सामान भी बेच सकती हैं। इस संबंध में E-Commerce कंपनियों को डिलिवरी से जुड़े वाहनों की आवाजाही के लिए जरूरी मंजूरी लेने को कहा गया था। यह फैसला बेहद अहम है क्योंकि शनिवार को कुछ E-Commerce कंपनियों ने खाने-पीने एवं दवाइयों के अलावा अन्य सामानों के लिए बुकिंग लेना शुरू कर दिया था।

गृह सचिव अजय कुमार भल्ला की ओर से रविवार को जारी संशोधित निर्देश के मुताबिक मंत्रालय ने लॉकडाउन से जुड़े नियमों से इस खंड को हटा दिया है, जिसमें कहा गया था कि E-Commerce कंपनियों और उनके द्वारा इस्तेमाल में लाए जाने वाले वाहन जरूरी मंजूरी के साथ 20 अप्रैल से परिचालन कर सकते हैं।

गृह मंत्रालय की ओर से इस संबंध में रविवार को जारी रिपोर्ट काफी महत्व रखता है क्योंकि खुदरा दुकानों से जुड़े कई संगठनों ने इस संदर्भ में सरकार के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज करायी थी।

लॉकडाउन के पहले चरण (25 मार्च-14 अप्रैल) के दौरान E-Commerce कंपनियों को केवल खाद्य उत्पाद एवं दवा जैसी जरूरी वस्तुएं बेचने की ही इजाजत मिली थी। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाए जाने की घोषणा की। हालांकि, सरकार ने 20 अप्रैल से ऐसे क्षेत्रों में सीमित व्यापारिक गतिविधियों की अनुमति दी है, जहां कोरोनावायरस के फैलने का खतरा कम है। इसमें ई-कॉमर्स कंपनियों को भी परिचालन की अनुमति दी गई थी लेकिन सरकार के रविवार के फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि E-Commerce Platform लॉकडाउन खत्म होने तक मोबाइल, टीवी, कपड़े और अन्य उत्पाद नहीं बेच सकते हैं।

Posted By: Ankit Kumar

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