नई दिल्ली। ग्लोबल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच ने सोमवार को अनुमान किया है कि वर्ष 2018 के अंत तक महंगाई दर भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मध्यकालिक लक्ष्य दो-छह फीसदी तक पहुंचेगी। रेटिंग एजेंसी ने अपनी द्विमासिक समीक्षा में कहा, ‘फिच का अनुमान है कि मुद्रास्फीति वर्ष 2018 के अंत तक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मध्यकालिक लक्ष्य के अनुरूप 2-6 फीसदी के बीच रहेगी।

फिच रेटिंग का कहना है कि आरबीआई की नीति में पुरानी स्थिति की तुलना में अर्थव्यवस्था का मौजूदा स्वरूप यह तय करेगा कि क्या मुद्रास्फीति को लक्षित नया ढांचा सही मायने में शासन में बदलाव है।

राजन के जाने से थोड़ी घबराहट की आशंका

फिच ने कहा कि रघुराम राजन के आरबीआई गवर्नर के रूप में तीन साल के कार्यकाल में रुपया स्थिर था, इसलिए यह कहा जा सकता है कि उनके जाने से थोड़ी घबराहट फैली है।

फिच वायर के वरिष्ठ विश्लेषक डेन मार्टिन के मुताबिक, ‘हालांकि आरबीआई को चलाने के लिए राजन के जैसा ही हाईप्रोफाइल गर्वनर चाहिए, ऐसा नहीं है। क्योंकि केंद्रीय बैंक की प्राथमिकता महंगाई और आर्थिक स्थिरता है।

आरबीआई के नए प्रमुख उर्जित पटेल हैं। साथ ही नवस्थापित छह लोगों की मौद्रिक नीति समिति ही मौद्रिक नीति के फैसले लेती है। राजन के जाने के बाद इस समिति की पहली बैठक में ब्याज दरों में कटौती का निर्णय लिया गया था।

Posted By: Surbhi Jain

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस