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'IDBI को बनाएंगे ग्लोबल इंडियन बैंक', मैनेजमेंट में होगा बदलाव? फेयरफैक्स के मालिक प्रेम वत्सा ने बताया पूरा प्लान

Published: Fri, 16 Oct 2026 12:40 PM (IST)

IDBI Bank sale to fairfax: फेयरफैक्स द्वारा आईडीबीआई बैंक में 60.72% हिस्सेदारी के अधिग्रहण के बाद, चेयरमैन प्रेम वत्सा ने ...और पढ़ें

आईडीबीआई बैंक बनेगा ग्लोबल इंडियन बैंक, फेयरफैक्स के प्रेम वत्सा ने बताया पूरा रोडमैप

आईडीबीआई बैंक बनेगा ग्लोबल इंडियन बैंक, फेयरफैक्स के प्रेम वत्सा ने बताया पूरा रोडमैप

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| देश का 62 साल पुराना आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank Deal) अब जल्द ही एक ग्लोबल इंडियन बैंक का रूप लेगा। कैनेडियन कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स ने इस बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए 52,878 करोड़ रुपए की बड़ी डील को मंजूरी दिला दी है।

फेयरफैक्स (Fairfax Financial Holdings) के चेयरमैन और सीईओ प्रेम वत्सा ने बताया कि यह उनकी कंपनी के इतिहास का सबसे बड़ा निवेश है। इस मेगा अधिग्रहण के अगले साल की शुरुआत तक पूरी होने की उम्मीद है। इस बदलाव के बाद बैंक की कार्यशैली को और बेहतर बनाने की तैयारी है, जिससे ग्राहकों को ग्लोबल लेवल पर बेहतरीन वित्तीय सेवाएं मिल सकें।

भारतीयों को ग्लोबल बैंक बनाना लक्ष्य

फेयरफैक्स की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य केंद्र आईडीबीआई बैंक के साथ ग्रुप की अन्य वित्तीय कंपनियों को जोड़ना है। प्रेम वत्सा ने मनी कंट्रोल के खास बातचीत में स्पष्ट किया कि,

उनका मकसद किसी कैनेडियन या अमेरिकन बैंक की तरह नहीं, बल्कि पूरी तरह से भारतीयों द्वारा संचालित एक मजबूत ग्लोबल इंडियन बैंक तैयार करना है। इस रणनीति के तहत आईडीबीआई बैंक के बैंकिंग नेटवर्क को गो डिजिट (Go Digit) की बीमा सेवाओं और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज (IIFL Capital Services) की वेल्थ मैनेजमेंट व इनवेस्टमेंट बैंकिंग सेवाओं के साथ एकीकृत किया जाएगा।"

हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि इससे इन सहयोगी कंपनियों के संचालन के तरीकों में कोई बदलाव नहीं आएगा, बल्कि ग्राहक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी मिलकर काम करेंगे।

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CEO और मैनेजमेंट को दी बड़ी राहत

आईडीबीआई बैंक के मौजूदा नेतृत्व और कर्मचारियों को लेकर प्रेम वत्सा ने बड़ा और राहत भरा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि,

बैंक के मौजूदा प्रबंध निदेशक और सीईओ राकेश शर्मा अपने पद पर बने रहेंगे और कंपनी उन्हें बदलने का कोई इरादा नहीं रखती है। इसके अलावा, आरबीआई की मंजूरी मिलने के बाद आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के पूर्व सीईओ एनएस कन्नन को आईडीबीआई बैंक का नया चेयरमैन बनाया जा सकता है, जबकि सीएसबी बैंक को उबारने वाले सी.वी.आर. राजेंद्रन सलाहकार के रूप में राकेश शर्मा की मदद करेंगे।"

कर्मचारियों का ध्यान उनकी प्राथमिकता

कर्मचारियों के भविष्य को लेकर वत्सा ने पूरी तरह आश्वस्त किया है कि इस बड़े बदलाव के बावजूद किसी भी कर्मचारी के मौजूदा फायदों या भत्तों में कोई कटौती नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि दिवालिया और पेंशन देनदारियों की जांच के बाद कंपनी ने पाया है कि संपत्तियां संतुलित हैं।

वत्सा का मानना है कि बैंक की रीढ़ उसके कर्मचारी होते हैं, क्योंकि असल कस्टमर सर्विस वही संभालते हैं, इसलिए कर्मचारियों का ध्यान रखना उनकी पहली प्राथमिकता है।

फेयरफैक्स का बैंकिंग सेक्टर का पुराना और मजबूत अनुभव रहा है। इससे पहले कंपनी आईसीआईसीआई बैंक, बैंक ऑफ आयरलैंड, यूरोबैंक और मिस्र के कमर्शियल इंटरनेशनल बैंक में भी निवेश कर चुकी है।

वहीं, आरबीआई के नियमों के तहत फेयरफैक्स को सीएसबी बैंक में अपनी 40% हिस्सेदारी के संबंध में दो साल के भीतर फैसला लेना होगा। आईडीबीआई डील पूरी होने के बाद इस पर भी अगला कदम उठाया जाएगा।

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