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अदाणी के हाथों बिकी JP Associates के बुद्धा सर्किट पर F1 रेस कराने की तैयारी, सरकार का मास्टर प्लान तैयार?

Published: Fri, 17 Jul 2026 10:51 PM (IST)Updated: Sat, 18 Jul 2026 08:03 AM (IST)

भारत सरकार 2028 तक बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में फॉर्मूला-1 की वापसी के लिए टैक्स और नियामक बाधाओं को दूर करने ...और पढ़ें

सरकार 2028 तक F1 वापसी के लिए प्रयासरत।

सरकार 2028 तक F1 वापसी के लिए प्रयासरत।

HighLights

  1. सरकार 2028 तक F1 वापसी के लिए प्रयासरत।

  2. टैक्स और नियामक बाधाएं दूर करने पर जोर।

  3. अदाणी समूह की JP Associates अधिग्रहण में भूमिका।

नई दिल्ली। भारत में एक बार फिर फॉर्मूला-1 (F1) की वापसी की उम्मीदें तेज हो गई हैं। करीब 15 साल पहले दुनिया के सबसे बड़े मोटरस्पोर्ट इवेंट की मेजबानी करने वाला बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट अब फिर से सुर्खियों में है। इस बार इसकी चर्चा सिर्फ रेसिंग की वजह से नहीं, बल्कि JP Associates के अधिग्रहण की प्रक्रिया में अदाणी समूह की एंट्री और सरकार की नई योजना के कारण भी हो रही है। अब भारत सरकार देश में एक बार फिर से फॉर्मूला वन की वापसी कराने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है।

2028 तक F1 की वापसी की तैयारी

भारत सरकार 2028 में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में फॉर्मूला वन रेस को वापस लाने के लिए टैक्स और रेगुलेटरी रुकावटों को दूर करने पर काम कर रही है।इंडियन GP की शुरुआत 2011 में हुई थी, लेकिन रेगुलेटरी और टैक्स से जुड़े विवादों के कारण 2013 में तीसरी बार आयोजित होने के बाद इसे हटा दिया गया था।

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केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि 2028 तक भारत में फॉर्मूला-1 रेस की वापसी हो सके। इसके लिए खेल मंत्रालय ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हाल ही में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने मोटरस्पोर्ट से जुड़े विभिन्न पक्षों और संभावित ट्रैक मालिकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में F1 की वापसी की संभावनाओं और सामने आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

टैक्स और नियमों की बाधाएं होंगी दूर

भारत में 2011 से 2013 के बीच तीन बार इंडियन ग्रां प्री का आयोजन हुआ था, लेकिन इसके बाद टैक्स विवाद, नियामकीय समस्याओं और अन्य प्रशासनिक अड़चनों के कारण यह रेस बंद हो गई।

अब सरकार इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए एक विशेष टास्क फोर्स बनाई जाएगी, जो टैक्स नियमों, इंफ्रास्ट्रक्चर, नियामकीय प्रक्रियाओं और मोटरस्पोर्ट से जुड़ी नीतियों की समीक्षा करेगी। इस टास्क फोर्स में टैक्स विभाग के अधिकारियों के साथ अन्य मंत्रालयों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा ताकि अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाया जा सके।

JP Associates को खरीदने के बाद अदाणी समूह की बढ़ी भूमिका

बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट का स्वामित्व रखने वाली कंपनी के अधिग्रहण की प्रक्रिया में अदाणी समूह की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है। माना जा रहा है कि यदि यह प्रक्रिया पूरी होती है, तो ट्रैक के संचालन और विकास को नई गति मिल सकती है।

अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) के प्रबंध निदेशक करण अदाणी पहले भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वे व्यक्तिगत स्तर पर भारत में फॉर्मूला-1 की वापसी के प्रयासों से जुड़े हुए हैं। हालांकि, इस विषय पर समूह की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

F1 प्रबंधन भी भारत लौटने के पक्ष में

फॉर्मूला-1 के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टेफानो डोमेनिकाली ने भी हाल ही में कहा था कि भारत में F1 की वापसी को लेकर संगठन की गहरी रुचि है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसके लिए सही प्रमोटर, बेहतर साझेदारी और अनुकूल समय का इंतजार करना होगा। उनके अनुसार, सभी जरूरी तैयारियां पूरी होने के बाद ही भारत में रेस की वापसी संभव होगी।

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