नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। स्वीडन की टेलिकॉम इक्विपमेंट कंपनी एरिक्सन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। रिलायंस एडीएजी कंपनी से अपना बकाया न मिलने पर एरिक्सन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा है कि रिलायंस ने 30 सितंबर तक बकाया 550 करोड़ देने का वादा किया था, जो पूरा नहीं किया गया है। इसलिए जब तक बकाए की रकम नहीं चुकाई जाती तब तक रिलायंस के चेयरमैन अनिल अंबानी और कंपनी के दो बड़े अधिकारियों के देश से बाहर जाने पर रोक लगाई जाए।

उधर, रिलायंस कम्युनिकेशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया है कि स्पेक्ट्रम बिक्री पूरी नहीं होने के कारण बकाया रकम नहीं चुकाया गया है। इसलिए कोर्ट बकाया भुगतान के लिए 60 दिन का समय और दे। मालूम हो कि एरिक्सन ने आरकॉम के अखिल भारतीय टेलिकॉम नेटवर्क को ऑपरेट और मैनेज करने के लिए 2014 में सात साल की डील की थी। वह अब अपना 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया रिकवर करने की कोशिश कर रही है।

बता दें कि आरकॉम की ओर से 30 सितंबर तक पैसा न चुकाने पर एरिक्सन ने कोर्ट में कहा कि आरकॉम देश के कानून का आदर नहीं करती और कोर्ट द्वारा दिए आदेश को गंभीरता से नहीं लेती है। अपनी याचिका में एरिक्सन ने लिखा है कि कोर्ट के ऑर्डर के बिना इन लोगों के देश के बाहर जाने पर रोक लगनी चाहिए। 

Posted By: Nitesh

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप