नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। पेंशन सुविधा को संचालित करने वाली संस्था कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) उन लोगों को सदस्यता देने पर विचार कर रहा है जो, किसी कारण से सामाजिक सुरक्षा के दायरे से बाहर हो गए थे और इसके तहत न्यूनतम 500 रुपये मासिक का निवेश करते थे। ईपीएफओ दोबारा से उन लोगों को शामिल करने पर विचार कर रहा है जो, किसी वजह से औपचारिक क्षेत्र से अनौपचारिक क्षेत्र में शिफ्ट हो गए थे, या जिन लोगों की नौकरी चली गई थी। एक शीर्ष अधिकारी ने बयान देते हुए यह जानकारी उपलब्ध कराई कि, "ईपीएफओ के भीतर एक मॉडल तैयार करने के लिए काम शुरू हो गया है, जो कि लोगों को न्यूनतम 500 रुपये महीने या उनकी मासिक आय के 12 फीसद के योगदान के साथ उनको सामाजिक सुरक्षा के दायरे में वापस लाने में सक्षम बनाएगा।"

अधिकारी ने बयान देते हुए यह कहा कि, "हम पेंशन (ईपीएस), भविष्य निधि (ईपीएफ) और ईपीएफओ की कर्मचारी जमा से जुड़ी बीमा योजना पर इसके प्रभाव का आकलन करने की कोशिश कर रहे हैं। बीमांकन का विश्लेषण किया जा रहा है जिसके बाद योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।"

ईपीएफओ के अनुमान के मुताबिक, साल 2018-20 के दौरान लगभग 4.8 मिलियन लोग संगठन से बाहर हो गए, जिनका डेटाबेस ईपीएफओ के पास आसानी से उपलब्ध है। साल 2020 के कोविड-19 संक्रमण के दौरान में यह संख्या बहुत अधिक हो गई थी। यदि प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो यह लाखों श्रमिकों के लिए एक बड़ी राहत हो सकती है।

सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 ईपीएफओ के तहत नई योजनाओं को जोड़ने का प्रावधान करता है। इसे अगले वित्त वर्ष तक कोड के कार्यान्वयन के साथ शुरू किया जा सकता है। सेवानिवृत्ति निधि निकाय के पास सभी बाहर निकलने वाले सदस्यों का सार्वभौमिक खाता संख्या वाला डेटाबेस है जो आधार के साथ जुड़ा हुआ है और ईपीएफओ इसका उपयोग ऐसे लोगों को अपने दायरे में वापस लाने के लिए करना चाहता है।

इस कदम से व्यक्तियों को एक सेवानिवृत्ति कोष बनाने में मदद मिलेगी, जो किसी भी अन्य जमा योजनाओं की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक दर पर निश्चित रिटर्न की पेशकश करेगा, और ईपीएफओ कोष और ग्राहक आधार को बढ़ावा देगा। ईपीएफ योजना में नामांकन करने वाले व्यक्ति पेंशन, पीएफ और बीमा का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा, वे इस दौरान ईपीएफओ के निवेश पर मिलने वाले रिटर्न के आधार पर रिटर्न की एक निश्चित दर के लिए पात्र होंगे। EPFO ने वित्त वर्ष 2011 के लिए 8.5 फीसद का ब्याज दिया है।

Edited By: Abhishek Poddar