EPFO 3.0 Update: पेंशन सिस्टम, 5 लाख तक ऑटो क्लेम और EPF ट्रांसफर में बड़ा बदलाव, क्या है सबसे बड़ा अपडेट?
EPFO Update 2026: श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने ईपीएफओ 3.0 के तहत बड़े सुधारों की जानकारी दी। ...और पढ़ें

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली| अगर आप ईपीएफओ मेंबर हैं या फिर उससे जुड़े हैं तो यह खबर आपके लिए है। क्योंकि, अब पेंशन से लेकर क्लेम और अकाउंट ट्रांसफर तक सब कुछ पहले से तेज और आसान हो रहा है।
लोकसभा में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने ईपीएफओ 3.0 (EPFO 3.0 Update) के तहत किए गए बड़े सुधारों की जानकारी दी।उन्होंने बताया कि,
सरकार ने EPFO सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमेटेड बनाने की दिशा में तेजी से काम (EPFO Update 2026) किया है, जिससे करोड़ों कर्मचारियों को सीधा फायदा मिल रहा है।
EPFO पर क्या है सबसे बड़ा अपडेट?
सबसे बड़ा अपडेट सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS EPFO) को लेकर है। मंत्री शोभा करंदलाजे (Shobha Karandlaje EPFO) के मुताबिक, 1 जनवरी 2025 से देश के सभी EPFO फील्ड ऑफिस इस सिस्टम को अपना चुके हैं। इस नई व्यवस्था के जरिए हर महीने 70 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को समय पर और बिना गलती के पेंशन मिल रही है।
क्लेमट सेटलमेंट को लेकर क्या बदलाव?
क्लेम सेटलमेंट में भी बड़ा बदलाव आया है। शोभा करंदलाजे ने बताया कि
25 फरवरी 2026 तक चालू वित्त वर्ष में 5 लाख रुपए तक के 3 करोड़ 52 लाख से ज्यादा क्लेम ऑटो मोड में निपटाए (Auto Claim Settlement EPFO) गए हैं। उन्होंने कहा कि अब कुल एडवांस क्लेम का 71.37% ऑटोमैटिक तरीके से सेटल हो रहा है, जिसमें करीब 51,620 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया।
EPF अकाउंट पर को बनाया आसान
EPF अकाउंट ट्रांसफर को भी काफी आसान बनाया गया है। मंत्री के अनुसार, 25 फरवरी 2026 तक 70 लाख से ज्यादा ट्रांसफर क्लेम बिना कर्मचारी और नियोक्ता के हस्तक्षेप के ऑटो ट्रिगर हुए हैं। इसके अलावा 21 लाख से ज्यादा कर्मचारियों ने बिना नियोक्ता की मदद के खुद ट्रांसफर क्लेम सबमिट किए।
उन्होंने साफ किया कि KYC पूरा होने पर अब पुराने या नए नियोक्ता की मंजूरी की जरूरत भी खत्म कर दी गई है, जिससे नौकरी बदलने पर फंड ट्रांसफर में देरी नहीं होगी।
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बड़ा सवालः क्या है EPFO 3.0?
ईपीएफओ 3.0 क्या है, इस पर भी मंत्री ने जानकारी दी। उनके मुताबिक, यह एक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट है, जिसका मकसद प्रक्रियाओं को सरल बनाना, कागजी काम कम करना और एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
क्लेम प्रोसेसिंग 20 दिन से घटकर सिर्फ 3 दिन में
सबसे अहम बात यह है कि अब क्लेम प्रोसेसिंग का समय 20 दिन से घटकर 3 दिन (EPF Claim Processing 3 Days) से भी कम हो गया है, जिससे आम कर्मचारी को तेजी से पैसा मिल रहा है।
हालांकि, न्यूनतम पेंशन बढ़ाने के सवाल पर सरकार ने फिलहाल कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है, लेकिन EPFO 3.0 के ये बदलाव सिस्टम को ज्यादा तेज, पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली बना रहे हैं।
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