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8th Pay Commission: सैलरी बढ़ने से पहले कर्मचारियों को बड़ा झटका, इस मामले पर सरकार का साफ इनकार!

Published: Mon, 16 Mar 2026 02:48 PM (IST)Updated: Mon, 16 Mar 2026 05:08 PM (IST)

8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ने से पहले सरकार ने कर्मचारियों को बड़ा झटका दिया है। जिस पर इंप्लॉईज फेडरेशन ने सख्त प्रतिक्रिया दी है।

HighLights

  1. सरकार ने स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों को बड़ा झटका दिया

  2. पति-पत्नी को एक ही स्टेशन पर पोस्टिंग की सुविधा नहीं मिलेगी

  3. फेडरेशन ने समान ट्रांसफर नीति लागू करने की मांग की

नई दिल्ली| आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर देशभर में उम्मीदें बढ़ी हुई हैं। लेकिन इसी बीच राज्यसभा में सरकार के एक जवाब ने केंद्रीय स्वायत्त संस्थानों (Autonomous Bodies) के कर्मचारियों को बड़ा झटका दिया है।

सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल ऐसे कर्मचारियों के लिए पति-पत्नी को एक ही स्टेशन पर पोस्टिंग (8th pay commission spouse posting policy) देने की कोई नई योजना या प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

सरकार ने राज्यसभा में क्या कहा?

राज्यसभा में प्रो. मनोज कुमार झा के सवाल के जवाब में कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh Rajya Sabha reply) ने बताया कि,

सरकार ने 30 सितंबर 2009 के डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DoPT) आदेश के जरिए पति-पत्नी को एक ही स्टेशन पर पोस्टिंग देने के निर्देश जारी किए थे। लेकिन यह सुविधा केवल उन मामलों में लागू होती है, जहां पति या पत्नी में से कोई एक केंद्रीय सरकारी सेवा में हो।"

कर्मचारियों को नहीं मिलेगी सुविधा!

सरकार ने साफ शब्दों में कहा कि इस नीति को केंद्रीय वित्तपोषित स्वायत्त (centrally funded autonomous) या वैधानिक संस्थाओं (legal entities) तक बढ़ाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। यानी साफ है कि देशभर में सैकड़ों केंद्रीय ऑटोनॉमस संस्थानों में काम कर रहे हजारों दंपत्ति कर्मचारियों को यह सुविधा अभी भी नहीं मिलेगी।

इंप्लॉईज फेडरेशन ने खड़े किए सवाल

इस जवाब पर ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉईज फेडरेशन (All India NPS Employees Federation) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल (Dr. Manjeet Singh Patel) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि

यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्रीय ऑटोनॉमस बॉडीज के कर्मचारियों को आज तक स्पाउस आधार पर एक ही स्टेशन पर काम करने के लिए ट्रांसफर की सुविधा नहीं मिल पाई है और सरकार इस पर विचार करने को भी तैयार नहीं दिख रही।"

उन्होंने सवाल उठाया कि जब IAS, IPS, DANICS और DANIPS जैसे अलग-अलग कैडर में काम करने वाले अधिकारियों को भी स्पाउस ग्राउंड पर ट्रांसफर मिल सकता है, तो एक ही मंत्रालय के अंतर्गत काम कर रही अलग-अलग ऑटोनॉमस संस्थाओं में कार्यरत दंपत्ति को एक स्टेशन पर पोस्टिंग देने में आखिर समस्या क्या है।

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कर्मचारियों के लिए उठाई मांग

डॉ. पटेल ने सरकार को "एक भारत श्रेष्ठ भारत" जैसे अभियानों की याद दिलाते हुए कहा कि जब वन नेशन वन राशन, वन नेशन वन पेंशन (OROP) और एक देश एक विधान जैसे बड़े फैसले लिए जा सकते हैं, तो ऑटोनॉमस संस्थानों के कर्मचारियों के लिए समान ट्रांसफर नीति बनाना कोई मुश्किल काम नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कार्मिक मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मांग की कि आठवें वेतन आयोग पर चर्चा से पहले सरकार को इन कर्मचारियों की इस बड़ी समस्या का समाधान करना चाहिए, ताकि हजारों परिवारों को अलग-अलग शहरों में रहने की मजबूरी से राहत मिल सके।