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El Nino का फायदा उठाएगा अमेरिका, भारत से करेगा तगड़ी कमाई? इंडिया की इस इंडस्ट्री पर है निगाह!

Published: Thu, 16 Jul 2026 04:16 PM (IST)Updated: Thu, 16 Jul 2026 04:18 PM (IST)

अलनीनो के प्रभाव से भारत में फसलों की बुवाई का क्षेत्रफल घटा है, जिससे देश में कपास का आयात बढ़ने ...और पढ़ें

अमेरिकी अधिकारी भारत को बड़ा खरीदार बनने का दावा कर रहे हैं

अमेरिकी अधिकारी भारत को बड़ा खरीदार बनने का दावा कर रहे हैं

HighLights

  1. अलनीनो से भारत में कपास की बुवाई में गिरावट।

  2. अमेरिका को भारत में कपास निर्यात का अवसर।

  3. भारत 2026 तक अमेरिकी कपास का बड़ा आयातक।

नई दिल्ली| इस साल El Nino के प्रभाव से भारत की खेती पर बुरा असर देखने को मिल रहा है। देश में खेती के साथ कई अन्य सेक्टर को भी नुकसान पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक देश में खरीफ की मुख्य फसलों की बुवाई का क्षेत्रफल घटता जा रहा है। मुख्य इंडस्ट्रियल फसलों में शामिल कपास की बुवाई में भी कमी आई है। कपास की खेती (Cotton Farming) में कमी का फायदा अमेरिका को मिल सकता है।

भारत अमेरिका का चौथा सबसे बड़ा बाजार

नेशनल कॉटन काउंसिल ऑफ अमेरिका के अध्यक्ष और सीईओ गैरी एडम्स ने बिजनेसलाइन से बातचीत कर बताया कि अमेरिका भारत को अपने कपास की खरीद की क्षमता वाले बाजार के रूप में देखता है। साथ ही 2026 में एक प्रमुख आयातक देश बनने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि “अगर हम भारत अमेरिकी कपास के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है। गैरी एडम्स ने बताया कि भारत इस मार्केटिंग ईयर में अमेरिकी कपास का चौथा सबसे बड़ा बाजार बन गया है।

विदेशों से ड्यूटी फ्री कपास का एक्सेस

10 जुलाई तक देश में कपास की बुवाई काफी पीछे रही। पिछले साल के मुकाबले 15.33% की गिरावट आई है। जिससे ये स्पष्ट है कि देश में कपास का आयात फिर से बढ़ने वाला है। आपको बता दें कि वर्तमान में भारत विदेशों से आने वाले कपास को 30 अक्टूबर 2026 तक ड्यूटी फ्री एक्सेस दे रहा है। मतलब विदेश से आने वाले कपास पर निर्यतकों को किसी तरह का शुल्क नहीं लगाया जाता है। भारत को कपास बेचने वाले देशों में अमेरिका भी शामिल है।

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भारत की सालाना कपास की खपत कितनी है?

भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री दुनिया के टॉप 5 देशों में शामिल है। ये सेक्टर कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र भी माना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में घरेलू जरूरत के लिए सालाना 313 से 315 लाख गांठ (प्रत्येक 170 किलोग्राम की) की खपत है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक देश है, लेकिन अलनीनो के कारण बारिश में कमी के कारण कपास की खेती का रकबा घटा जिससे पैदावार में भी गिरावट की आशंका लगाई गई है। गैरी एडम्स के मुताबिक इसका फायदा अमेरिका को मिल सकता है।