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सऊदी-UAE खोज रहे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का विकल्प, भारतीय कंपनी EIL को मिल सकता है बड़ा प्रोजेक्ट

By PTIEdited By: Ashish Kushwaha
Published: Sat, 19 Sep 2026 02:46 PM (IST)

पब्लिक सेक्टर की कंपनी इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) सऊदी अरब और यूएई के साथ तेल व गैस इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर ...और पढ़ें

EIL को मिल सकता है बड़ा प्रोजेक्ट: सऊदी-यूएई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के विकल्प तलाश रहे

EIL को मिल सकता है बड़ा प्रोजेक्ट: सऊदी-यूएई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के विकल्प तलाश रहे

HighLights

  1. EIL सऊदी-यूएई के साथ तेल-गैस परियोजनाओं पर कर रही बातचीत।

  2. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भरता घटाने के लिए वैकल्पिक मार्ग खोजे जा रहे।

  3. खाड़ी देश पाइपलाइन, भंडारण सुविधाओं पर एक अरब डॉलर लगाएंगे।

एजेंसी नई दिल्ली। पब्लिक सेक्टर की कंपनी इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लेकर शुरुआती बातचीत कर रही है। इसका मकसद खाड़ी देशों की 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' पर निर्भरता कम करना और दूसरे विकल्पों का पता लगाना है। ईरान से जुड़े टकराव की वजह से 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' से होने वाली आवाजाही पर बहुत बुरा असर पड़ा है।

ईआईएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अतुल गुप्ता ने कंपनी की वार्षिक आम बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि सऊदी अरब और यूएई वैकल्पिक मार्गों से कच्चे तेल तथा पेट्रोलियम उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए करीब एक अरब डॉलर के निवेश की योजना बना रहे हैं। इसके तहत पाइपलाइन, भंडारण सुविधाएं, तेल टर्मिनल और अन्य संबंधित अवसंरचना विकसित की जा सकेगी।

गुप्ता ने कहा, ‘‘वे अभी योजना बनाने के चरण में हैं और हम भी इसी स्तर पर उनसे बातचीत कर रहे हैं।’’

ईआईएल इन परियोजनाओं के लिए परियोजना परामर्श और व्यवहार्यता अध्ययन से जुड़े काम हासिल करने की कोशिश कर रही है। ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। यह मार्ग दुनिया के प्रमुख ऊर्जा परिवहन मार्गों में शामिल है। लंबे समय तक किसी तरह की बाधा की आशंका के बीच खाड़ी के तेल उत्पादक देश वैकल्पिक अवसंरचना और निर्यात मार्ग विकसित करने पर विचार कर रहे हैं।

गुप्ता ने कहा कि संघर्ष के बाद क्षेत्र से नए ठेके मिलने की रफ्तार फिलहाल धीमी हुई है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि तीसरी और चौथी तिमाही में ठेके मिलने की गति बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों ने कंपनी के लिए नए अवसर भी पैदा किए हैं। ईआईएल के लिए पश्चिम एशिया में ऑर्डर में आई सुस्ती महत्वपूर्ण है, क्योंकि कंपनी के विकास में अंतरराष्ट्रीय कारोबार की भूमिका लगातार बढ़ रही है। कंपनी की कुल ऑर्डर बुक में विदेशी परियोजनाओं की हिस्सेदारी करीब 43 प्रतिशत है।

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को मिले नए कारोबार में अंतरराष्ट्रीय परामर्श सेवाओं का योगदान करीब 4,929 करोड़ रुपये, यानी लगभग 62 प्रतिशत रहा। ईआईएल की पश्चिम एशिया में मजबूत मौजूदगी है। कंपनी सऊदी अरब, यूएई, बहरीन और कुवैत में विभिन्न परियोजनाओं और कारोबारी गतिविधियों से जुड़ी है। उसने सऊदी अरब में अपना कार्यालय भी खोला है।

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