अनिल अंबानी को बड़ा झटका! ₹5000 करोड़ की आलीशान इमारत 'अबोड' पर ED का कब्जा, अब तक कितने करोड़ अटैच?
Anil Ambani house seized: ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल अंबानी के मुंबई स्थित आलीशान घर 'अबोड' को जब्त ...और पढ़ें
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अनिल अंबानी को बड़ा झटका! ₹5000 करोड़ की आलीशान इमारत 'अबोड' पर ED का कब्जा, अब तक कितने करोड़ अटैच?

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नई दिल्ली| अनिल अंबानी को बड़ा झटका लगा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED action Anil Ambani) ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में मुंबई स्थित उनके आलीशान घर 'अबोड' (ED attaches Abode) को जब्त कर लिया है। यह घर मुंबई के सबसे महंगे आवासों में गिना जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, 'अबोड' की कीमत करीब 3,716 करोड़ रुपए बताई गई है, जबकि बाजार में इसकी वैल्यू 5000 करोड़ रुपए तक आंकी जाती रही है। यह आलीशान इमारत मुंबई के पाली हिल इलाके में स्थित है। यह 66 मीटर ऊंची और 17 मंजिला इमारत है।
अब तक 15700 करोड़ अटैच
ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून (PMLA) के तहत की है। एजेंसी का कहना है कि अनिल अंबानी और उनके ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ अब तक 15,700 करोड़ रुपए (Anil Ambani total attachment 15700 crore) से ज्यादा की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। 'अबोड' पर कब्जा इसी बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है।
23 फरवरी को सामने आया बड़ा मामला
मामले में एक और बड़ा घटनाक्रम 23 फरवरी को सामने आया, जब बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनिल अंबानी को राहत देने वाला पुराना अंतरिम आदेश रद्द कर दिया। इससे पहले एकल न्यायाधीश पीठ ने उनके और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के बैंक खातों को धोखाधड़ी घोषित करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।
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अंबानी की रोक लगाने की मांग खारिज
मुख्य न्यायाधीश आलोक चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम ए अंखड की खंडपीठ ने बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और ऑडिटर बीडीओ इंडिया एलएलपी की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उस अंतरिम आदेश को गैर-कानूनी और प्रक्रिया में गड़बड़ी वाला बताया।
कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसे आदेश पर रोक जारी रखना गैर-कानूनी स्थिति को जारी रखने जैसा होगा। इसलिए अंबानी की रोक लगाने की मांग खारिज कर दी गई।
दिसंबर 2025 में एकल पीठ ने बैंकों को कारण बताओ नोटिस और धोखाधड़ी वर्गीकरण की कार्रवाई से रोका था। लेकिन अब खंडपीठ के फैसले के बाद बैंकों को आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
आरबीआई के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, वाणिज्यिक बैंक किसी खाते को धोखाधड़ी की श्रेणी में वर्गीकृत कर सकते हैं। ऐसे में अनिल अंबानी और 'अबोड' पर ED की कार्रवाई ने कारोबारी और कानूनी हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
