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ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म में काम करने वाले ट्रेडर्स के लिए नया नियम, 1 नवंबर से रजिस्ट्रेशन पर क्या बदल जाएगा? 

Published: Wed, 28 Oct 2026 08:12 PM (IST)

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर छोटे ट्रेडर्स के लिए नए GST नियमों की घोषणा की है।

ई-कॉमर्स पर रजिस्ट्रेशन के नियम आसान

ई-कॉमर्स पर रजिस्ट्रेशन के नियम आसान

HighLights

  1. छोटे ट्रेडर्स के लिए नए GST नियम लागू होंगे।

  2. अन्य राज्यों में गोदाम को मुख्य स्थान मान सकेंगे।

  3. बिना भौतिक उपस्थिति के रजिस्ट्रेशन संभव होगा।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन बाजारों में छोटे ट्रेडर्स 1 नवंबर से विभिन्न राज्यों में प्रोडक्ट्स की सप्लाई करने के लिए संबंधित मंच के गोदाम को कारोबार का मुख्य स्थान (प्लेस ऑफ बिजनेस) घोषित कर सकेंगे। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने केंद्रीय GST नियमों में बदलाव का नॉटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत हर महीने ₹2.5 लाख से अधिक का इनपुट टैक्स क्रेडिट आगे नहीं देने वाले छोटे विक्रेता किसी अन्य राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे, भले ही वहां उनकी कोई फिजिकल उपस्थिति न हो। इसके लिए वे उस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में ई-कॉमर्स मंच के गोदाम को कारोबार का मुख्य स्थान घोषित कर सकते हैं।

क्या है नया नियम?

ट्रेडर्स के लिए गृह राज्य में भौतिक रूप उपस्थिति होना जरूरी होगा। वहां उसके कैंपस का फिजिकल वेरिफिकेशन और आधार सर्टिफिकेशन किया जाएगा। अन्य राज्यों में रजिस्ट्रेशन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की सहमति से कराया जा सकेगा और इसके लिए कर अधिकारी की कोई भूमिका नहीं होगी। केंद्रीय GST नियमों में इन बदलावों को 8 अक्टूबर को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में मंजूरी दी गई थी।

ये बदलाव 1 नवंबर, 2026 से लागू होंगे। इस कदम से करीब 9.5 लाख छोटे विक्रेताओं को उन सभी राज्यों में फिजिकल ऑफिस या गोदाम स्थापित किए बिना देशभर के बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है, जहां उनका सामान रखा जाता है।

7 दिन में देना होगा अप्रूवल

इससे ई-कॉमर्स के विभिन्न कारोबारी मॉडल के बीच कर संबंधी समानता भी बढ़ेगी। ऐसे छोटे विक्रेताओं को फॉर्म जीएसटी आरईजी-01 में आवेदन करना होगा और उस गृह राज्य में अपने स्थायी खाता संख्या (पैन) पर प्राप्त माल एवं सेवा कर पहचान संख्या (GSTIN) का उल्लेख करना होगा, जहां उनकी फिजिकल उपस्थिति है। आवेदन संबंधित ई-कॉमर्स मंच को उसकी सहमति के लिए भेजा जाएगा। मंच को 7 वर्किंग डे के भीतर अपनी सहमति देनी होगी।

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निर्धारित अवधि में अप्रूवल नहीं मिलने पर आवेदन पर आगे कार्रवाई नहीं की जाएगी। CBIC के नॉटिफिकेशन में कहा गया कि अगर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म रजिस्टर्ड व्यक्ति को दी गई सहमति वापस लेता है, तो उसे साझा पोर्टल पर इसकी सूचना देनी होगी।