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60 साल पुरानी कंपनी ने बनाया था भारत का पहला स्वदेशी TV, आज बनाती है चुनाव वोटिंग के लिए EVM

Published: Sun, 02 Aug 2026 06:02 PM (IST)

सरकारी कंपनी ECIL ने विक्रम साराभाई की देखरेख में भारत का पहला स्वदेशी सॉलिड-स्टेट टीवी बनाया था, जिसका लक्ष्य इलेक्ट्रॉनिक्स में आत्मनिर्भरता था। आज यह कंपनी EVM भी बनाती है।

विक्रम साराभाई की ECIL: भारत का पहला स्वदेशी टीवी बनाने वाली कंपनी, अब EVM निर्माता

विक्रम साराभाई की ECIL: भारत का पहला स्वदेशी टीवी बनाने वाली कंपनी, अब EVM निर्माता

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नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि देश के चुनावों में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVMs) को बनाने वाली कंपनी ने ही भारत का पहला स्वदेशी टीवी भी बनाया था? सरकारी कंपनी, इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) ने मशहूर वैज्ञानिक विक्रम साराभाई की देखरेख में भारत का पहला स्वदेशी सॉलिड-स्टेट टेलीविज़न (EC-TV) बनाया था।

विक्रम साराभाई और ECIL की शुरुआत

ECIL की स्थापना 11 अप्रैल, 1967 को हैदराबाद में हुई थी। इसके संस्थापक मैनेजिंग डायरेक्टर A.S. राव थे और चेयरमैन डॉ. विक्रम साराभाई थे। यह कंपनी भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) के तहत काम करती है। ऐसे समय में जब टेक्नोलॉजी के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भरता आम बात थी, ECIL का मुख्य मकसद भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाना था।

भारत का पहला सॉलिड-स्टेट टीवी

शुरुआती सालों में कंपनी तेज़ी से बढ़ी और उसने कई नए देसी डिवाइस बनाए, जिनमें डिजिटल कंप्यूटर और देश का पहला सॉलिड-स्टेट टीवी शामिल था। पुराने वैक्यूम-ट्यूब वाले टीवी बहुत ज़्यादा बिजली की खपत करते थे और जल्दी गर्म होकर खराब हो जाते थे। इसके उलट, सॉलिड-स्टेट टेक्नोलॉजी से बने EC-TV कम बिजली की खपत करते थे, जल्दी गर्म नहीं होते थे और उनसे कहीं बेहतर पिक्चर और साउंड क्वालिटी मिलती थी।

1975-76 के दौरान, 'SITE' प्रोजेक्ट के लिए ECIL ने 2,500 से ज़्यादा ऐसे खास TV सेट भी बनाए जो सीधे सैटेलाइट सिग्नल रिसीव कर सकते थे, जिससे दूर-दराज़ के ग्रामीण इलाकों तक भी टेलीविज़न प्रसारण पहुंचाना मुमकिन हो सका।

टीवी मार्केट से EVM तक का सफर

1980 के दशक में आर्थिक उदारीकरण के बाद, विदेशी सामान और प्राइवेट कंपनियों का बाज़ार पर दबदबा हो गया। कड़ी टक्कर का सामना करते हुए, ECIL ने कंज्यूमर टीवी और कंप्यूटर मार्केट से बाहर निकलने का फ़ैसला किया। इसके बाद, कंपनी ने अपना पूरा ध्यान रणनीतिक क्षेत्रों पर लगाया, जैसे कि न्यूक्लियर इंस्ट्रूमेंटेशन, डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, सिक्योरिटी सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) बनाना।

आज ECIL देश की चुनावी प्रक्रिया के एक अहम हिस्से (EVMs) का निर्माण करता है, फिर भी इसके शुरुआती दिनों की कहानी जिसका मकसद भारत को कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना था एक ऐतिहासिक उपलब्धि बनी हुई है।

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