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Dubai Revenue Sources: बिना टैक्स, अरबों का खजाना! दुबई के 'करोड़पति' मॉडल का असली सच क्या है?

Published: Mon, 16 Mar 2026 08:48 AM (IST)

दुबई व्यक्तिगत आयकर मुक्त होने के बावजूद अपनी अर्थव्यवस्था कैसे चलाता है, यह लेख बताता है। इसकी आय के मुख्य ...और पढ़ें

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संक्षेप में पढ़ें

नई दिल्ली। अधिकतर देश अपनी इकोनॉमी को चलाने के लिए टैक्स वसूलते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि दुबई पूरी तरह टैक्स फ्री है। दुबई में कोई पर्सनल इनकम टैक्स नहीं वसूला जाता। फिर सवाल ये बनता है कि आखिर बिना इनकम टैक्स के दुबई इतना अमीर कैसे है और दुबई के पास रेवेन्यू कहां से आता है? यहां हम इसी पर चर्चा करेंगे।

कहां-कहां से आता है रेवेन्यू?

दुबई प्रशासन अपने रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा दो तरीकों से हासिल करता है, जिनमें सर्विस फीस और एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज शामिल हैं। इन शुल्कों में वीजा फीस, रेजिडेंसी परमिट और वर्क ऑथराइजेशन चार्ज शामिल हैं, जो शहर में रहने और काम करने वाले लोग देते हैं।
साथ ही कारोबारियों को ट्रेड लाइसेंस लेना हो या रिन्यू कराना हो, उसके के लिए भी मोटी फीस देनी होती है। दुबई प्रशासन वेस्ट मैनेजमेंट, यूटिलिटी सर्विस और प्रॉपर्टी संबंधित फीस जैसे चार्जेज से भी काफी रेवेन्यू कमाता है।

जुर्माना भी कमाई का तरीका

दुबई में अगर ट्रैफिक नियम तोड़ा तो भारी जुर्माना लगता है। इसी तरह वहां पर पब्लिक नियम लागू करने के लिए एक सख्त ऑटोमेटेड फाइन सिस्टम भी है, जो सरकार के रेवेन्यू का एक जरिया है।

काफी खास है दुबई की इकोनॉमी?

दुबई ने दुनिया की कुछ सबसे मजबूत इकोनॉमी में से एक बनाई है। मगर इसका ढांचा काफी अलग है। दुबई ने इंडिविजुअल टैक्स के बजाय सर्विस, ट्रेड, टूरिज्म और स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट पर फोकस किया।

बिजनेस टैक्स समेत लगते हैं ये टैक्स

  • 3,75,000 दिरहम से ज्यादा के बिजनेस प्रॉफिट पर 9% कॉर्पोरेट टैक्स
  • वैल्यू एडेड टैक्स (अधिकतर सामान और सर्विस पर 5%)
  • दुबई में मौजूद विदेशी बैंकों पर लगभग 20% टैक्स
  • तेल कंपनियों पर 55% तक टैक्स

सरकारी कंपनियों का प्रॉफिट

दुबई प्रशासन की अपनी कई सरकारी कंपनियां हैं, जिनमें ग्लोबल लेवल पर सफलता हासिल करने वाली कंपनियां शामिल हैं। इससे वहां की सरकार को डायरेक्ट रेवेन्यू मिलता है। इनमें प्रमुख इंटरनेशनल एयरलाइंस में से एक एमिरेट्स, रियल एस्टेट डेवलपमेंट आदि शामिल हैं। वहीं कमाई के अन्य तरीकों में टूरिज्म, कमर्शियल लीजिंग और इन्वेस्टमेंट भी शामिल हैं।

टूरिज्म भी है अहम

दुबई ने तेल के अलावा टूरिज्म को भी अपनी कमाई का जरिया बनाया है। ये इसके सबसे अहम रेवेन्यू वाले हिस्सों में से एक है। सालाना दुबई जाने वाले लाखों टूरिस्ट वहां की इकोनॉमी में काफी बड़ा योगदान देते हैं। किसी देश में टूरिज्म से होटल, डाइनिंग, एंटरटेनमेंट और शॉपिंग से जुड़ी दूसरी इंडस्ट्रीज को भरपूर फायदा मिलता है।
एक और तरीका, जिससे दुबई कमाई करता है, वो है दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट। वहां से गुजरने वाले हर पैसेंजर से डिपार्चर और सर्विस चार्ज लिया जाता है।

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